कोतवाली क्षेत्र के बरुइन गांव में सोमवार की देर रात फांसी लगाकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अन्त्य परीक्षण के लिए भेज दिया। घटना स्थल से एक सुसाइट नोट भी बरामद किया गया है।
रोहुड़ा गांव निवासी सियाराम प्रसाद का पुत्र सिद्धार्थ गौतम (35) बरुइन मोड़ पर अपने बड़े भाई के साथ मकान में रहता था। बीती देर रात किसी बात को लेकर छत की कुंडी से फांसी पर झूल गया। बाजार से जब सिद्धार्थ का बड़ा भाई मंगलेश घर लौटा तो कमरा में कोई आहट न मिलने पर वह सीधे कमरे में गया और अंदर का दृश्य देख उसके सन्न रह गया। देखा कि सिद्धार्थ रस्सी के सहारे छत की कुंडी से लटका हुआ था। वह चीखने-चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग पहुंच गए। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिवार के लोगों से घटना के संबंध में बातचीत करने के बाद लोगों की मदद से शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लेेने के साथ ही मौके से एक सुसाइट नोट बरामद किया। सुसाइट नोट में लिखा था कि वह अपनी पत्नी कुसुम और बच्चों को जीवन में कुछ नहीं दिया।
तुम बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा बनाना और माता-पिता का ध्यान रखना। सिद्धार्थ पहले राजस्थान में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था। वहां से आने के बाद अपने मकान में निर्माण सामग्री की दूकान खोला था, लेकिन दूकान न चलने की वजह से बंद हो गई, जिससे वह बेरोजगार हो गया था। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी राम सिंह ने बताया कि युवक मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए ऐसा कदम उठाया।