बहरियाबाद। बेवदा चट्टी स्थित किराना की एक दुकान में शनिवार की देर रात दुकानदार ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर घंटों छानबीन की। इधर परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया।
वृंदावन गांव निवासी किराना व्यवसायी कमलेश गुप्ता (36) करीब सात वर्ष पूर्व बेवदा चट्टी पर मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। मकान के अगले हिस्से में राशन की दुकान थी। वह शाम को चार पहिया वाहन बनवाकर आए और रात में खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। सुबह उठकर बच्चे जब दुकान में गए तो पंखे में रस्सी के फंदे पर लटकते पिता का शव देखकर चीखने चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर पत्नी रीना और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव देखकर बिलखने लगे। आवाज सुनकर मुहल्ले के लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर परिजनों से पूछताछ की। मृतक की दो पुत्रियां मानसी, दीक्षा और एक पुत्र आदित्य है। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी कमलेश पर ही थी। पत्नी रीना और दोनों पुत्रियों के बिलखने से माहौल गमगीन हो गया था। पुत्र आदित्य खड़े होकर एकटक शव को निहार रहा था। उसके समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। इधर घटना की जानकारी होने के बाद सीओ सैदपुर बलराम भी मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष अगम दास ने बताया कि पत्नी रीना की ओर से आत्महत्या की तहरीर मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।