प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग प्रदीप ने बताया है कि गंगा को स्वच्छ, अविरल और निर्मल बनाए रखने के लिए जन- जागरूकता के लिए गंगा मशाल यात्रा आठ नवंबर को ऋषिकेश से चल कर 26 नवंबर को बंगाल की खाड़ी तक जाएगा। गंगा मशाल यात्रा 16 नवंबर को जनपद पहुंचेगा, जिसका कलेक्टर घाट पर स्वागत होगा।
गंगा मशाल यात्रा दल के नोडल अधिकारी जल शक्ति मंत्रालय उप निदेशक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि गंगा की स्वच्छता, अविरलता और निर्मलता के प्रति जन-मानस में अलख जगाने के लिए यह यात्रा चलाई जा रही है। आस्था और संस्कृति की प्रतीक गंगा को साफ रखने के लिए सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता है। गंगा मशाल यात्रा का नेतृत्व गंगा टास्क फोर्स के मेजर एलएन जोशी एवं उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। गंगा मशाल यात्रा के माध्यम से नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश आम-जन तक पहुंचाया जा रहा है। गंगा मशाल यात्रा को उदेश्य जन- सामान्य को गंगा की पवित्रता , स्वच्छता और उसकी महत्व के प्रति जागरूक करना है। गंगा भारतीय संस्कृति, धार्मिक एवं ऐतिहासिक रूप से देश में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है, उसको पवित्र, स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना सभी भारतीयों का कर्तव्य है। 16 नवंबर को गंगा मशाल यात्रा का जनपद में स्वागत किया जाएगा। गाजीपुर में गंगा मशाल यात्रा का स्वागत समारोह का आयोजन कलेक्टर घाट पर किया जाएगा। इसमें सहकारिता राज्य मंत्री डा. संगीता बलवंत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष आदि मौजूद रहे।