गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने बुधवार की देर शाम मारपीट के 19 वर्ष पुराने मामले में पिता, पुत्र सहित चार दोषियों को चार-चार वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार सादात थाना क्षेत्र के भीखमपुर निवासी शिवचंद उर्फ सोचन ने बीते 30 जून 2002 को थाने में तहरीर दी कि वह सुबह 11 बजे अपने खेत में धान रोप रहे थे। इसी दौरान गांव के नारायन सिंह चौहान, सावर सिंह चौहान, गुददन सिंह चौहान और बबलू सिंह चौहान जाति सूचक गाली देते हुए लाठी डंडा और फावड़े से मारने लगे। इससे गंभीर चोटें आई हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू किया। विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल छह गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद फैसले के समय आरोपी सावर सिंह चौहान और बबलू सिंह चौहान के उपस्थित न रहने से उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश दिया है। साथ ही उपरोक्त फैसला दिया।