गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रथम विष्णुचंद्र वैश्य की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में दोषी गणेश चौधरी को आजीवन कारावास और 52 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
थाना गहमर के एक गांव निवासी युवक ने बीते दो दिसबंर 2015 को थाने में तहरीर दी कि उसकी नाबालिग बहन दो दिन पहले से घर से गायब है। तलाश करना शुरू किया तब पता चला कि पड़ोस के गणेश चौधरी के घर में ताला बंद है और वह भी लापता है। गणेश से उसकी पुरानी रंजिश चली आ रही थी। उसी रंजिश की वजह से बहन को जाल में फंसा लिया था और उसकी हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने 11 गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया है।