गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को 31 वर्ष पुराने फर्जी स्टांप पेपर और फर्जी टिकट के मामले में सजा सुनाई है। प्रयागराज करैली निवासी बच्चे बाबू उर्फ अमीर बेग को पांच वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष एबी सिंह अपने हमराहियों के साथ 24 फरवरी 1993 को गश्त पर थे। इसी दौरान गहमर की ओर से एक कार आती हुई नजर आई। पुलिस रोकने को कहा तो चालक कार को लेकर तेज गति से भागने लगा। पुलिस ने पीछा करके कार को पकड़ लिया। पुलिस की ओर से कार की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक लाख 52 हजार 600 रुपये का अवैध स्टांप और टिकट बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद आरोप पत्र को न्यायालय में पेश किया गया। विचारण अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशिकांत सिंह ने कुल चार गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों की ओर से न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराया गया। शुक्रवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय की ओर से अपना फैसला सुनाया गया।