गाजीपुर। सरकार अब मत्स्य पालन करने वाले मछुआरों को भी दुर्घटना बीमा का लाभ देगी। पांच लाख तक की दुर्घटना बीमा योजना का लाभ हर मत्स्य पालक को मिलेगा। दुर्घटना बीमा के लिए कोई प्रीमियम भी नहीं देना पड़ेगा। जिले में कुल 1313 मछुआरों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। इसके लिए अब तक 667 लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
शासन की इस बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक मछुआरों को मिल सके, इसके लिए मत्स्य पालन विभाग की तरफ से आगामी 30 नवंबर से ही कैंप लगाकर उन्हें जागरूक करने का अभियान भी शुरू कर दिया जाएगा। कैंप में भाग लेने वाले मछुआरों का आनलाइन पंजीकरण भी होगा और चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से उनकी केसीसी भी बनाई जाएगी।
पंजीकरण के लिए विभाग ने यूपी फिश फार्मर वेबसाइट नामक ऐप लांच की है। इसपर दुर्घटना बीमा योजना का लाभ लेने के लिए मछुआरे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। इस दौरान उन्हें एक रुपये भी प्रीमियम चार्ज नहीं देना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया की योजना के अनुसार यदि मछुआरों की मछली पकड़ने सहित अन्य कार्यों के (दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा) दौरान मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे लोगों के परिवार के सदस्यों को पांच लाख तक की बीमा का लाभ दिया जाएगा। बताया कि दुर्घटना बीमा का लाभ सिर्फ मछुआरों को ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को मिलेगा जो विभाग में पंजीकरण कराते हुए मछली का पालन करेंगे। यदि कोई मछुआरा मछली पकड़ने के लिए नाव चला रहा है। इसके अलावा मछली को बिक्री के लिए बाजार ले जाते समय भी यदि सड़क दुर्घटना में मछुआरे की मृत्यु हो जाती है। तब ऐसी हालत में उनके आश्रित को बीमा योजना का लाभ मिलेगा।
जिले में 1313 मछुआरों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। अब तक 667 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। इसके तहत मछुआरों का पांच लाख रुपये तक का बीमा किया जाएगा। इसके लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। स्थलीय सत्यापन के बाद ही योजना का लाभ मिलेगा।-गिरीश चंद्र यादव, जिला मत्स्य अधिकारी, गाजीपुर।