योगी सरकार मिनी बजट में छुट्टा पशुओं के लिए फिर से 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है। वहीं क्षेत्र के स्टेशन बाजार स्थित पटखौलिया मोहल्ले में कांशीराम आवास के पास बनाये जा रहे स्थाई गोवंश आश्रय स्थल इस साल मार्च तक पूर्ण हो जाना था। लेकिन लेटलतीफी के साथ निर्माण में अनियमितता बरती जा रही है। वहीं आश्रय स्थल निर्माण के लिए फरवरी में ही 1.65 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
वहां की हकीकत यह है कि अभी तक बाउंड्री टीन शेड, भूसा घर, कर्मचारी आवास, बोरिंग समर्सिबल व पशुओं के लिए चरनी आदि का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसको लेकर नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी अपनी कमियों को छुपाने में लगे हैं।
दूसरी ओर लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। शायद यही कारण है कि निर्माण कार्य के दौरान रंगाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं बिना छत निर्मित हुए ही प्लास्टर कर दिया गया। जो घटिया कार्य को छुपाने के लिए किया गया है। आश्रय स्थल पर पिलरों के प्लास्टर के बिना ही रंगाई का काम शुरू हो चुका है। बिना छत और कई पिलरो के ढाले ही दीवार का प्लास्टर कर दिया गया।
वहीं, आश्रय स्थल का निर्माण कार्य इस साल मार्च तक समाप्त हो जाना चाहिए था। जो आज तक पूरा नहीं किया जा सका। जिस कारण से अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में छुट्टा पशुओं किसी तरह से गुजारा कर रहे हैं।
इस संबंध में ईओ अब्दुल सब्बुर ने बताया कि आश्रय स्थल के कार्य में कोविड की वजह से कुछ दिक्कत हुई है। जिसे अक्तूबर तक पूर्ण कर नवंबर में उद्घाटन का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि इसको बनाने के लिए फरवरी में पूरी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। जिसके सापेक्ष कार्य तेजी से कराया जा रहा है।