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चार तहसीलों में एक भी तालाब से नहीं हटा अतिक्रमण, डीएम ने मांगा जवाब

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जिले के 212 तालाबों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश के बाद भी मुहम्मदाबाद, सैदपुर, जखनिया एवं कासिमाबाद तहसील क्षेत्र में एक भी तालाब से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर जिलाधिकारी एमपी सिंह ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। राइफल क्लब में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कम राजस्व वसूली पर भी चिंता जताई। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत पत्रों के डिफाल्टर होने पर संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक तहसील क्षेत्र में प्रत्येक माह कम से कम सात तालाबों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। जिले के बड़े बकाएदारों की आरसी की सूची उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के स्तर की बनाते हुए वसूली की जाए। उन्होंने आडिट आपत्ति में अनुपालन आख्या की जानकारी ली। चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, औद्योगिक ऋण, बाट माप, बैंक देय, परिवहन, मंडी समिति, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, अंश निर्धारण, आईजीआरएस, मोटर देय, काउंटर फाइलों की स्थिति की समीक्षा की।
कम राजस्व वसूली करने वाले विभागों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी योजना बनाकर वसूली का लक्ष्य पूरा करें। इसमें शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। जो अधिकारी राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू राजस्व, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं पटल सहायक उपस्थित रहे।
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विवादित राजस्व वादों का समाधान करें
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के अलग से बैठक की। इस दौरान लंबित प्रकरण एवं विवादित, दाखिल खारिज 122बी में विवादित वादों का समाधान करने का निर्देश दिया। आडिट आपत्ति, व्यापार कर, परिवहन कर, बैंक देय तथा बड़े बकायादारों के बारे में जानकारी ली। बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि राजस्व वादों का निस्तारण किया जाए। आइजीआरएस की समीक्षा के दौरान सभी डिफाल्टर शिकायत पत्रों को तीन दिनों के भीतर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा शासन स्तर से की जाती है। सभी अधिकारी हमेशा पोर्टल देखते रहें और शिकायत का निस्तारण कराएं।
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