गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का वर्चुअल लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सिद्धार्थनगर से किया। कार्यक्रम का शुभारंम्भ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कालेज बन जाने से प्रतिवर्ष करीब 100 डाक्टर मिलने लगेंगे, जिससे चिकित्सकों की कमी नहीं रह जाएगी। साथ ही उन्होंने जिले में मिडवाइफ नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य करने के लिए मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया। जिले में विश्व प्रसिद्ध अफीम फैक्ट्री को उच्चीकृत कराने के प्रयासों पर भी चर्चा की।
सिद्धार्थनगर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुबह करीब 11 बजे वर्चुअल राजकीय मेडिकल कालेज का लोकार्पण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेज से निकले चिकित्सक जनता की सेवा करेंगे। प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के समय में योजनाओं का भूमि पूजन भी होता है और लोकार्पण भी किया जाता है। वर्ष 2014 में जब देश की सेवा करने का अवसर मिला तब से गरीबों, पीड़ितों के दर्द को समझते हुए अनेक योजनाएं प्रारंभ की। कहा कि मेडिकल की शिक्षा अब गरीबों के बच्चे भी प्राप्त कर सकेंगे। जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाएं मिल रही हैं। कैंसर का इलाज, डायलिसिस और हार्ट की सर्जरी बहुत सस्ती हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल के माध्यम से कहा कि आजादी के बाद पहली बार सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक साथ नौ मेडिकल कालेज का लोकार्पण किया जो एतिहासिक है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इस सरकार में अब तक प्रदेश में 32 मेडिकल कालेज खोले गए हैं। सभी मेडिकल कालेज पीपीपी मॉडल पर तैयार किए जा रहे हैं यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान से बीमारियों में कमी आई है। सरकार पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड के विकास के लिए माइक्रो इंडस्ट्रीज लगाने का कार्य कर रही है, जो शीघ्र ही देखने को मिलेगा। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, सहकारिता राज्यमंत्री डा. संगीता बलवंत, मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय, जमानिया की विधायक सुनीता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिलाधिकारी एमपी सिंह, पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज डा. राजेश कुमार सिंह, सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह, एसीएमओ डा. केके वर्मा, डा. डीपी सिन्हा आदि मौजूद थे।