गाजीपुर। चैत्र नवरात्र में देवी मां के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की बुधवार को आराधना की गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में सुबह से ही घंट, शंख और जय माता दी के जयकारों का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक चलता रहा। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाकर मत्था टेककर परिवार की मंगल कामना की। भीड़ के चलते मंदिरों के आसपास पूरे दिन मेले जैसी स्थिति बनी रही।
वासंतिक नवरात्र के पहले दिन से श्रद्धालु मंदिरों के साथ ही घरों में शक्ति की उपासना कर रहे हैं। घरों में कलश स्थापित कर पूजन-अर्चन किया जा रहा है वहीं मंदिरों में पहुंचकर भक्त श्रद्धाभाव से देवी का पूजन-अर्चन कर रहे हैं। शहर में स्थित विभिन्न देवी मंदिरों में आज श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी आदि पूजन सामग्री चढ़ाकर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। सेवराई संवाददाता के अनुसार मां कामाख्या धाम में सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं ने शक्ति स्वरूपा की आराधना कर मन्नतें मांगी। जिले सहित आसपास के अन्य जगहों से बड़ी संख्या में भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर उनके चरणों में शीश नवाया। जगत जननी का दर्शन-पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में भैरोनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा की। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की चहल-पहल रही। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार मनोकामना देवी के मंदिर पर भक्तों ने मां का पूजन कर मंगल कामना की। मां के जयकारे से आसपास का माहौल देवीमय बना रहा। इसी तरह रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्टेशन स्थित सायर माता, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी, सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित मां चंडी सहित अन्य मंदिरों पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूजन-अर्चन का क्रम चलता रहा। धूप-दीप, अगरबत्ती की सुगंध से आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा।