सपा और सहयोगी दलों की संयुक्त बैठक रविवार को सपा कार्यालय लोहिया भवन में हुई। इसमें एकजुट होकर भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सपा पदाधिकारियों के अलावा सहयोगी दल सुभासपा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, जनवादी पार्टी सोशलिस्ट, अपना दल कमेरावादी, भागीदारी समाज पार्टी, जैहिंद समाज पार्टी, राष्ट्रीय उदय पार्टी के पदाधिकारी रहे। बैठक में वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार पर चिंता जताई। कहा कि मोदी और योगी की सरकार देश में झूठ और नफरत की सियासत कर रही है। भाजपा सरकार ने जनता से लगातार वादाखिलाफी की है और देश और प्रदेश पर हुकूमत करने का अपना नैतिक अधिकार भाजपा खो चुकी है। हर वर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने, सरकार बनते ही साठ दिन में महंगाई कम करने का मोदी सरकार का वादा जुमला साबित हुआ है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते इस देश का नौजवान, किसान, व्यापारी, महिलाएं, छात्र सभी दुखी और त्रस्त हैं। महंगाई के चलते गरीबों का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। नौकरी न देकर पढ़े-लिखे नौजवानों को पकौड़ा बेचने की राय देकर सरकार ने उनको अपमानित करने का काम किया है। जनता के बुनियादी सवालों से उसका कुछ भी लेना-देना नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि इस देश के संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए भाजपा सरकार को हटाकर प्रदेश में सपा की सरकार बनाना जरूरी है।
इस मौके पर सुभासपा के जिलाध्यक्ष लल्लन राजभर, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, प्रगतिशील समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष यादव, भागीदारी पार्टी के जिलाध्यक्ष आदर्श प्रजापति, जैहिंद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष बनवारीलाल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष भरत गोड़, त्रिवेणी राम, पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, निजामुद्दीन खां, अशोक कुमार बिंद, रामवचन यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, दिनेश यादव, एसपी पांडेय, बृजभान सिंह बघेल, असलम हुसैन, रविंद्र प्रताप यादव रहे। संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने किया।