कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर कला गांव निवासी पुत्री का शव मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र स्थित ठैंचा गांव ससुराल में पंखे के हुक के फंदा से लटकता मिला। घटना से परिजनों के साथ पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
गांव निवासी हरेंद्र राजभर की पुत्री सावित्री राजभर (22) की शादी बीते दो मई को मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के ठैंचा गांव निवासी राम जन्म के पुत्र सुनील राजभर के साथ धूमधाम के साथ की हुई थी। रविवार की सुबह सावित्री का शव उसके ससुराल में पंखे के हुक के सहारे फंदे से लटकता मिला। इसकी सूचना जब ठैंचा के ग्रामीणों ने हरेंद्र राजभर के मोबाइल पर दी तो पूरे परिवार में सन्नाटा छा गया। हरेंद्र राजभर ने बताया कि शादी में बड़े ही धूमधाम से बाइक, आभूषण और नकदी दिए गए थे। शादी के कुछ दिन बाद से ही पुत्री सावित्री को उसके पति सहित सास और ससुर अंगुठी और चेन के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। इसको लेकर दो बार पंचायत भी की गई थी। हरेंद्र राजभर ने बताया कि मेरी पुत्री की हत्या की गई है वह आत्महत्या कर नहीं सकती है। सावित्री की मौत से जगदीशपुर कला गांव में मातम जैसा माहौल है।