उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गई। दो पालियों में हुई परीक्षा में 28 हजार 128 परीक्षार्थी उपस्थित रहे जबकि 5220 ने परीक्षा नहीं दी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव जयशंकर दुबे ने जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के लिए दोनों पालियों में 33348 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। कुल 42 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय, सेंट जांस स्कूल, राजकीय सिटी इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज, शाहफैज पब्लिक स्कूल, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, स्वामी सहजानंद पीजी कालेज, लूदर्स कांवेंट बालिका इंटर कालेज, आदर्श इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, एमएएच इंटर कालेज, राजकीय महाविद्यालय मुहम्मदाबाद, राजकीय बालिका इंटर कालेज सैदपुर, जीजीआईसी सादात, जीजीआईसी जमानिया, हिंदू पीजी कालेज, राजकीय महाविद्यालय सैदपुर, टाउन नेश्नल इंटर कालेज, शहीद स्मारक इंटर कालेज, समता पीजी कालेज, समता इंटर कालेज, बापू इंटर कालेज हैं। दोनों पालियों की परीक्षा 5220 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे जबकि 28128 परीक्षा में बैठे। सुबह दस से बारह बजे तक हुई पहली पाली की परीक्षा में पंजीकृत 16888 में से 2618 अनुपस्थित रहे जबकि 14270 ने परीक्षा दी। तीन से पांच बजे तक आयोजित दूसरी पाली में 16460 में 13858 सम्मिलित हुए। शेष 2602 ने परीक्षा छोड़ दी।
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए चार जोनल एवं सत्रह सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव जयशंकर दुबे ने जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ओमप्रकाश राय के साथ टाउन नेशनल इंटर कालेज, राजकीय महाविद्यालय सैदपुर, जीजीआईसी सैदपुर, शहीद स्मारक इंटर कालेज, पीजी कालेज, स्वामी सहजानंद पीजी कालेज, लूदर्स कांवेंट बालिका इंटर कालेज तथा इंटर कालेज मलसा का निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओमप्रकाश राय ने बताया कि परीक्षा कोविड गाइडलाइन के तहत परीक्षा कराई र्गई।
आवागमन में उत्पन्न हुआ अवरोध
गाजीपुर। पीईटी की परीक्षा शहर के साथ ही जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को आयोजित की गई थी। परीक्षार्थियों के साथ ही बड़ी संख्या में उनके अभिभावक साथ आए थे। इसके चलते केंद्रों के आसपास काफी गहमागहमी रही। परीक्षा संपन्न होने के बाद इन परीक्षार्थियों के छोटे-बड़े वाहनों से रवाना होने के दौरान कुछ देर के लिए यातायात में अवरोध उत्पन्न हुआ। इसके चलते जरूरी कार्यों के सिलसिले में निकले लोगों को कुछ असुविधा हुई।