जिले में उर्वरकों की उपलब्धता के लिए कृषि विभाग की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित कराया गया है। किसान कंट्रोल रूम पर फोन करके डीएपी की उपलब्धता जान सकते हैं। उर्वरकों की बिक्री पीओएस मशीन से कराई जाएगी, इसके लिए किसान को आधार कार्ड और जोत बही लाना आवश्यक होगा।
वर्तमान समय में किसान गेहूं का खेत तैयार करने में जुटे हुए हैं। इस समय ही डीएपी की अधिक आवश्यकता पड़ती है। लेकिन बाजार में खाद नहीं मिल पा रहा है। सुबह से ही किसान अपने नजदीकी समितियों पर पहुंचकर चक्कर काट रहे हैं लेकिन वहां तैनात कर्मचारी कब तक खाद उपलब्ध होगी इस बारे में कुछ भी बता नहीं पा रहे हैं। 15 नवंबर से करीब एक लाख 18 हजार हेक्टेयर में किसानों द्वारा गेहूं की बोआई की जाएगी। ऐसे में डीएपी की डिमांड बढ़ गई है। खेत तैयार करने के समय बुआई से पहले इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है। वर्तमान समय में 2500 एमटी डीएपी उपलब्ध है। किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकने को विवश होना पड़ रहा है। ऐसे में कृषि विभाग की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित कराया गया है। किसान खाद की उपलब्धता के लिए 0548- 2221295 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम नंबर पर फोन करके कृषक जानकारी ले सकते हैं। वर्तमान समय में 2500 एमटी डीएपी उपलब्ध है। दो से तीन दिन में और डीएपी उपलब्ध हो जाएगी।