शहर में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन शनिवार को किया गया। जिले में बनाए गए सात केंद्रों पर हुई इस परीक्षा के लिए 5246 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 1533 ने परीक्षा छोड़ दी। इसकी शुचिता बनाए रखने के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ ही केंद्र स्तरीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी। नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कई केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया।
शहर के पुलिस लाइन के पास स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा-छह में दाखिले के लिए आज प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। एक पाली में कक्षा की चालीस सीटों के लिए आयोजित परीक्षा के लिए जिले के सभी सोलह विकासखंडों के 5246 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें सबसे अधिक जखनिया में 681, सादात 317, मरदह 266, बाराचवर 235, मुहम्मदाबाद 372, कासिमाबाद 410 तथा भदौरा ब्लाक के 140 अभ्यर्थी थे। इसके अलावा गाजीपुर के 577, मनिहारी 507, बिरनो 235, भांवरकोल 150, जमानिया 230, रेवतीपुर 147, सैदपुर 283, देवकली 418 तथा करंडा विकासखंड क्षेत्र के 178 अभ्यर्थी को इसमें शामिल होना था। सुबह साढ़े 11 बजे से आयोजित परीक्षा के लिए सात केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों के निर्धारित समय से पहले ही पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इन केंद्रों पर पंजीकृत 5246 में 3713 ने परीक्षा दी। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. इकरामुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि इसकी शुचिता बनाए रखने के लिए विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को केंद्र स्तरीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया था। इसके साथ ही स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई थी। परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई।
सर्वाधिक जखनिया ब्लॉक के अभ्यथिर्यों ने छोड़ी परीक्षा
गाजीपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा-छह की प्रवेश परीक्षा में पंजीकृत 5246 में 3713 अभ्यर्थी उपस्थित एवं 1533 अनुप स्थित रहे। इसमें जखनिया ब्लाक के 208, मनिहारी 195, सादात 89, सैदपुर 97, देवकली 160, बिरनो 88, मरदह 51 तथा गाजीपुर के 136 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। इसके अलावा करंडा 85, कासिमाबाद 117, बाराचवर 74, मुहम्मदाबाद 70, भांवरकोल 52, जमानिया 43, रेवतीपुर 31 एवं भदौरा विकासखंड क्षेत्र के 37 अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में नहीं बैठे।
भीड़ से आवागमन में उत्पन्न हुआ अवरोध
गाजीपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे। इनके साथ अभिभावक भी आए थे। इसके चलते केंद्रों के आसपास काफी गहमा-गहमी रही। परीक्षा संपन्न होने के बाद वाहनों से आने के कारण भीड़ की वजह से आवागमन में अवरोध उत्पन्न हुआ।