विवेचना में दिलदारनगर थाना क्षेत्र के रक्सहा गांव निवासी और ब्लाक प्रमुख के पति औरंगजेब खान का भी नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुट गई। इसी बीच बीडीओ, ठेकेदार और ब्लाक प्रमुख के पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि अभिलेखिय साक्ष्यों का संकलन किया गया। प्रथमदृष्टया जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, वे सही पाए गए। साथ ही ब्लाक प्रमुख का कार्य देखने वाले उनके पति को भी गिरफ्तार किया गया है।
खतरे में पड़ी बीडीओ की नौकरी, काली सूची में ठेकेदार, शासन को भेजा गया पत्र
गाजीपुर के खंड विकास अधिकारी गिरीश चंद सिंह की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इस बार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है। वहीं, आरोपी ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया गया है। मामले की जांच में सामने आया था सपा ब्लॉक प्रमुख भदौरा नरगिस खान और खंड विकास अधिकारी गिरीश चंद सिंह ने अपने एक चहेते ठेकेदार के साथ मिलकर यह खेल किया।
हालांकि सीडीओ और डीपीआरओ की जांच में पकड़े जाने पर खंड विकास अधिकारी ने अगले दिन अपने लिखित बयान में बताया कि उन्होंने पूरी धनराशि सरकारी खाते में जमा करवा दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके पहले भी बीडीओ ने करंडा ब्लाक में खेल किया था। जहां उनसे 15 हजार रुपये की रिकवरी की गई थी, जिसके करीब तीन माह बाद दूसरी तैनाती लॉक भदौरा में की गई थी। लेकिन, वे अपनी मनमानी से बाज नहीं आए और फिर खेल किया। यहां भी उनपर लगातार आरोप लग रहे थे।
पिछले वर्ष नौ अक्तूबर को ग्राम पंचायत सिंहानी में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत आठ अपात्रों का चयन कर आवास आवंटित करने की बात सामने आई थी। यही नहीं कई ग्राम प्रधानों ने भी आरोप लगाया था, जिसे लेकर पूर्व विधायक सुनीता सिंह और एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने भी शिकायत की थी। इस तरह पूरे प्रकरण को लेकर उच्चाधिकारी भी गंभीर हो गए और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर भी पत्र भेज दिए हैं।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि भदौरा में 15 लाख गबन के मामले में दोषी बीडीओ के खिलाफ शासन को पत्र भेजा गया है। जहां से कार्रवाई की होनी है।