गाजीपुर सिटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सियासी खींचतान देखने को मिली। सांसद और सपा के लोकसभा प्रत्याशी अफजाल अंसारी भी मंच पर विशिष्ट अतिथि की हैसियत से बैठे थे। लेकिन, दर्शक दीर्घा से बार-बार नारेबाजी होती रही। लोग बार-बार मनोज सिन्हा जिंदाबाद और मोदी-योगी जय श्री राम के नारे लगाते रहे। जिस पर सांसद मुस्कुरा रहे थे। हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी के लाइव प्रचारण शुरू होने के पहले सांसद अफजाल अंसारी कार्यक्रम छोड़कर चले गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं बोलता तो सरकार की कलई खुल जाती। वहीं,मुख्य अतिथि भी अपने संबोधन के दौरान कहा कि दूसरे दल के नेता जो आए हैं, उनका स्वागत करता हूं, जिसे लेकर पूरे दिन चर्चा होती रही।
सिटी रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर, विशिष्ट अतिथि सांसद अफजाल अंसारी, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, युवा भाजपा नेता अभिनव सिंह, कृष्णबिहारी राय मौजूद थे। कार्यक्रम के शुरू होते ही दर्शक दीर्घा से नारेबाजी होने लगी। मनोज सिन्हा जिंदाबाद के नारे से कार्यक्रम स्थल गूंजने लगा। बीच-बीच में थोड़ी देर पर नारेबाजी का क्रम चलता रहा। वहीं सांसद अफजाल अंसारी को मुस्कुराते हुए भीड़ को देखते हुए देखा गया। कार्यक्रम में जब अभिनव सिन्हा पहुंचे तो भीड़ की ओर से उनके जिंदाबाद का भी नारा लगाया गया। इसी तरह जब एमएलसी विशाल सिंह चंचल पहुंचे तो उनके समर्थकों की ओर से भी उनके पक्ष में नारेबाजी करते हुए देखा गया। वहीं, मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन शुरू किया तो मंच पर विराजमान अतिथियों का एक-एक करके नाम लिया। इस दौरान उन्होंने सांसद अफजाल अंसारी का नाम नहीं लिया बल्कि केवल इतना कहा कि दूसरे दल के नेता जो आए हैं, उनका स्वागत करता हूं, जिसे लेकर पूरे दिन चर्चा होती रही। इसी तरह जब छात्रों को सम्मानित किया जा रहा था तो सम्मानित करने के लिए उनका नाम भी नहीं पुकारा गया। इसी क्रम में जब प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम का समय हुआ तो अफजाल अंसारी मंच से उतर गए। वाहन में प्रवेश करने से पहले उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। कहा कि इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया है लेकिन गाजीपुर के हिस्से में केवल साढ़े 16 करोड़ मिला है। इतने में तो पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का होता है निर्माण। जब कार्यक्रम में उनके संबोधन नहीं होने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं बोलता तो सरकार की कलई खुल जाती। कहा कि अब जनता के सामने जाने का समय आ गया है। जनता ही सब कुछ तय करेगी।