गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक प्रस्तावित मेट्रो का एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) जुलाई में साइन हो सकता है। जीडीए अधिकारियों ने पूर्व में तैयार एमओयू पर सहमति जताई है। एमओयू का प्रस्ताव कैबिनेट मंजूरी की राह पर है। निकाय चुनाव के बाद प्रोजेक्ट स्पीड पकड़ जाएगा।
यूपीएसआईडीसी द्वारा आर्थिक अंशदान की सहमति के बाद मेट्रो की राह के सभी रोड़े दूर हो गए हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट के फंडिंग पैटर्न को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की मंजूरी मिल चुकी है। अब बस प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसी लिहाज से जीडीए अधिकारियों ने अपनी तैयारी कर ली है। जीडीए के पास साइनिंग अमाउंट के रूप में 100 करोड़ रुपया पहले ही रिजर्व रखा है। सेकेंड फेज मेट्रो का एमओयू भी पहले ही ड्राफ्ट किया जा
चुका है। जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि फंडिंग पैटर्न तय होने के बाद अब एमओयू साइन करने की प्रक्रिया की जानी है। शासन के निर्देशानुसार इस संबंध में आगे की कार्रवाई होगी।