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गैंग्स ऑफ बलीपुर: 3 दिन बाद भी सीबीआई खाली हाथ

Mon, 11 Mar 2013 10:38 AM IST
कुंडा (ब्यूरो)
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सीओ हत्याकांड की पड़ताल कर रही सीबीआई टीम को अब तक कोई अहम सुबूत नहीं मिला। तीन दिनों की जांच के बाद भी टीम के हाथ खाली है। हाल यह है कि अब तक की पूछताछ में यही तय नहीं हो सका कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ाई जाए। राजा भैया के सिपहसालारों समेत उनकी सहायता करने के आरोपी सिपाहियों से पूछताछ के बाद भी सीबीआई टीम को ऐसा कोई क्लू नहीं मिला, जिसके सहारे जांच आगे बढ़ सके।
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टीम तीन दिनों से केवल निलंबित पुलिसकर्मियों से ही पूछताछ कर रही है। यह साफ होने के बाद घटना के दौरान पुलिसकर्मी डर के मारे भाग गए, सीओ के साथ कोई गांव में नहीं गया, सीबीआई उन्हीं से चश्मदीद की तरह बयान की उम्मीद कर रही है, शायद कोई क्लू न मिलने में यह भी एक बाधा है।

तीन दिनों से सीबीआई टीम कुंडा के गुंडाराज की परतें उधेड़ने में लगी है लेकिन लेकिन उसे रास्ता नहीं मिल रहा है। सीओ जियाउल हक की सर्विस रिवाल्वर और सीयूजी फोन की बाबत भी कोई ठोस सुबूत टीम के हाथ नहीं लग सका। टीम को ऐसा कोई व्यक्ति भी नहीं मिला, जिससे पूरे घटनाक्रम के बारे में स्थित साफ हो सके। तीसरे दिन भी भगोड़े कोतवाल सर्वेश मिश्रा से पूछताछ कर सीबीआई टीम को संतोष करना पड़ा। मामले में कोई रास्ता न मिलता देख अब सीबीआई ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
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पुलिस वालों से सीबीआई का सवाल
0 सीओ जियाउलहक की तैनाती कब हुई।
0 सीओ से पुलिस वालों का कैसा सम्बंध था।
0 किन लोगों के साथ सीओ का सम्बंध अच्छा था।
0 किन लोगों पर हमेशा सीओ की नजर रहती थी।
0 बडे़ मामलों में सीओ के पास किसका फोन आता था।
0 कार्रवाई में सीओ पर किसका दबाव पड़ता था।
0 गनर इमरान की कुंडा क्षेत्र में तैनाती कब हुई।
0 सीओ के साथ वह सुरक्षा में कब से तैनात हुआ।
0 सीओ को किस मामले में तनाव में देखा गया।
0 घटना के समय गनर कहां था, क्या कर रहा था।
0 सीओ पर हमला हुआ तो गोलियां क्यों नहीं चलाई।
0 लगभग कितने लोगों ने पुलिस टीम पर धावा बोला।
0 घटना के समय मौजूद पुलिस का कर्तव्य क्या था।
0 राजा भैया के करीबी कौन, कौन लोग वहां मौजूद थे।

केवल सीओ की हत्या ही नहीं, सीबीआई को हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में प्रधान नन्हें यादव और उसके भाई सुरेश की हत्या को लेकर भी कोई सुराग नहीं मिला। आलम यह है कि अब तक यह साफ नहीं है कि सीओ की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की होगी।

सीबीआई के डीआईजी अनुराग गर्ग, एसपी एसके राठी तीन दिनों से कोशिश में हैं कि कुंडा में कोई भी इस मामले में कुछ खुलासा करे या फिर वहां के गुंडाराज को लेकर कुछ कहे लेकिन उसे कोई कामयाबी मिलती नजर नहीं आ रही है। रविवार को पूछताछ के लिए तीन टीमें बनाई गईं। संदिग्ध लोगों को दबोचने की तैयारी थी लेकिन हुआ कुछ नहीं।

दोपहर बाद डीआईजी मातहतों संग अस्थाई कैंप कार्यालय नगर पंचायत कुंडा पहुंचे। कुछ देर बाद ही भगोड़े कोतवाल सर्वेश मिश्रा को तलब किया गया। वह एक मोटी फाइल के साथ सवा चार बजे सीबीआई टीम के सामने पेश हुए। सूत्रों की मानें तो टीम ने उससे तमाम अभिलेख मांगे थे जिसे लेकर कुछ सवाल भी किए गए।

सूत्रों की मानें तो सीबीआई टीम ने सीओ की पिस्टल और मोबाइल की बावत जानकारी जुटाने के लिए कई चक्रों में पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लगा। मृतक प्रधान के गायब परिजनों की जानकारी के लिए रविवार को इलाकाई पुलिस की मदद से उनके रिश्तेदारों का ब्योरा एकत्र किया गया। इसके लिए गांव के एक व्यक्ति को पुलिस ने अपना सूत्रधार बना रखा है। टीम के सदस्य उस व्यक्ति को लेकर बराबर साथ चल रहे हैं। उसकी निशानदेही पर कई स्थानों पर पहुंचे भी लेकिन किसी को पकड़ने के बजाय जानकारी लेकर लौट आए।
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