उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए नया कानून बनाए जाने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी आवास और पुरातत्व विभाग को दी गई है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।
बनेगा मॉडल रेगुलेशन फॉर हेरिटेज एक्ट
दोनों विभाग मिलकर मॉडल रेगुलेशन फॉर हेरिटेज एक्ट बनाएंगे। इस एक्ट में ऐतिहासिक इमारतों के आसपास अवैध कब्जा प्रतिबंधित होने के साथ ही पॉलीथिन की बिक्री पर रोक की व्यवस्था होगी। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में पिछले दिनों आयोजित बैठक में सूबे के ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और उसके रख-रखाव को लेकर नया कानून बनाने पर विचार-विमर्श हुआ था।
इमारतों के संरक्षण पर होगा जोर
इसके लिए आवास और पुरातत्व विभाग को अधिकृत किया गया है। नए कानून में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर विशेष जोर होगा। खास तौर पर ऐसी इमारतों के आसपास न तो अवैध निर्माण हो सकेंगे और न ही मलिन बस्तियां बस पाएंगी। इमारतों से सटकर दुकानें भी नहीं खोली जा सकेंगी। इमारतों को संरक्षित करने के लिए हेरिटेज समिति और हेरिटेज फंड का गठन भी किया जाएगा।
आवास और पुरातत्व विभाग को इसका ड्राफ्ट जल्द बनाकर देने को कहा गया है।