क्यूएफएक्स और अन्य कंपनियों में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले की जांच कर रही ईडी को गिरोह के सरगना लविश और अन्य के एजेंटों के संबंध में अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। लविश से मिलने दुबई जाने वाले 200 लोग अब ईडी के रडार पर हैं।
शामली का नवाब।
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जांच में पता चला है कि लविश लोगों की गाढ़ी कमाई से दुबई में ऑनलाइन शॉपिंग साइट, प्रापर्टी और अन्य व्यापार कर रहा है। जिसमें उसने अरबों रुपये लगा रखे हैं। ईडी ने लविश से जुड़े 200 से अधिक उन लोगों की जांच शुरू कर दी है, जो हाल फिलहाल में दुबई गए थे। माना जा रहा है कि दुबई में वह लविश के कार्यक्रम या फिर बिजनेस के सिलसिले में मिलने के लिए गए थे। विदेश मंत्रालय और एयरपोर्ट के अधिकारियों से इस मामले में मदद मांगी गई है।
दुबई में हरभजन सिंह और सानिया मिर्जा के साथ लविश।
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ईडी के अधिकारियों ने बताया कि 11 फरवरी को उनकी टीमों के सदस्यों ने शामली के अलावा दिल्ली, हरियाणा के रोहतक, नोएडा आदि स्थानों पर छापा मारा था। शामली में गिरोह के सदस्य डांगरौल निवासी नवाब से पूछताछ की थी, जिसे बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। उसके पास से 94 लाख से अधिक रुपये बरामद किए गए थे। बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी थाने में क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। 210 करोड़ से अधिक की ठगी की बात सामने आई थी।
सुनील शेट्टी और दुबई के शेखों के साथ लविश (सुनील शेट्टी के बगल में)।
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कंपनी के निदेशकों में राजेंद्र सूद, विनीत कुमार, संतोष कुमार और मास्टरमाइंड मुजफ्फरनगर के नवाब अली उर्फ लविश के नाम सामने आए थे। ईडी के अधिकारियों के अनुसार, लविश ऑनलाइन साइटों में लोगों से निवेश कराकर दुबई में अपना अलग-अलग कारोबार स्थापित कर रहा है। इसमें उसने शामली, मुजफ्फरनगर के अन्य लोगों का भी सहयोग लिया है, यहां के कुछ लोग वहां पर रहकर भी व्यापार कर रहे हैं। जिन्हें अलग-अगल जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईडी शामली के एजेंट नवाब के यहां से 94 लाख से अधिक रुपये बरामद कर चुकी है, जबकि उसके 13 खातों से भी करीब 35 लाख मिले थे।
ईडी ने अब शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और अन्य स्थानों के एजेंटों के खातों की गोपनीय तरीके से जांच करानी शुरू कर कर दी है, ताकि उन पर भी शिकंजा कसा जा सके। यदि एजेंटों के खातों में दर्ज रुपयों का ब्योरा नहीं दिया जाता तो उन्हें भी फ्रीज कराया जा सकता है।
राशिद अली की जांच शुरू
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, लविश के साथ काम करने वाले राशिद अली की भी जांच शुरू की गई है। बताया गया है कि राशिद अली के नाम पर भी लविश ने कोई कंपनी रजिस्टर्ड कराई थी। हालांकि, राशिद है कौन इसका पता नहीं लग सका है।