उसके बाद से लगातार चल रहे वारंट आदि के आधार पर पिछले दिनों उसका वेतन भी रोका गया। मगर अदालत के तल्ख आदेश के चलते पिछले दिनों इगलास पुलिस ने मुकुंद को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया। वर्तमान में मुकुंद खैर तहसील में सेवारत था। अदालत द्वारा जेल भेजे जाने के बाद पंचायत विभाग से उसे निलंबित कर दिया गया है। इधर, मुकुंद सक्सेना की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई है, जिस पर अभी सुनवाई होनी है।
ग्राम पंचायत सचिव मुकुंद सक्सेना को अदालत द्वारा जेल भेजे जाने की जानकारी मिली। उसी आधार पर उसे निलंबित किया गया है।-आलोक आर्य,डीडीओ
टमोटिया का ये है मुकदमा
पंचायत सचिव मुकुंद सक्सेना पर दूसरा मुकदमा वर्ष 2019 में शासन स्तर से हुई जांच के बाद दर्ज हुआ था। जिसमें एक दर्जन करीब लोग आरोपी हैं। इस मुकदमे में चूंकि भ्रष्टाचार की धार थी। इसलिए मुकदमे का ट्रायल मेरठ की अदालत में लंबित है। उस मुकदमे में भी मनरेगा मजदूरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। जिसकी शिकायत पर गोपनीय जांच के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था।