सांसद जया बच्चन को विद्यालय भवन बनवाने का यकीन दिलवाकर एक व्यक्ति ने सांसद निधि से उनसे नौ लाख रुपये जारी करवा लिए।
यही नहीं इस व्यक्ति ने कल्याण सिंह की करीबी रहीं व विधान परिषद सदस्य कुसुम राय से भी विधायक निधि से पौने चार लाख रुपये ले लिए।
मामला तब खुला, जब प्रशासन ने सांसद और विधायक निधि के उपयोग की जांच की। अधिकारी यह देखकर भौंचक रह गए कि विद्यालय भवन नाम की कोई चीज ही मौके पर नहीं है।
यहां तक कि प्रबंधक ने जमीन की जो खतौनी लगाई थी, जांच में वह फर्जी निकली। सीडीओ अब दोषी व्यक्ति के साथ-साथ उस टेक्निकल समिति के एई और जेई के विरुद्ध भी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं, जिन्होंने धन अवमुक्त होने से पूर्व भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट दी थी।
माननीयों के द्वारा विद्यालयों को पूर्व में जारी की गई निधियों का मुख्य विकास अधिकारी डा. अखिलेश मिश्र सत्यापन कराने में जुटे है।
इस दौरान वित्तीय वर्ष 2006-2007 में राज्य सभा सांसद जया बच्चन और एमएलसी कुसुम राय की निधि से पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्राथमिक विद्यालय रोहुआर मुस्तफाबाद ब्लाक ठेकमा को अवमुक्त हुए 12 लाख 75 हजार रुपये की उन्होंने जांच कराई।
सीडीओ डा. अखिलेश मिश्र ने बताया कि जांच में पाया गया कि विद्यालय अस्तित्व में नहीं है। इस पर और गहन जांच कराई तो सामने आया कि जिस समय खुद को विद्यालय का प्रबंधक बता रहे संतोष मिश्रा ने निधि लेने के लिए विद्यालय मान्यता के जो कागजात लगाए, वह फर्जी है।
सीडीओ ने बताया इसके अलावा उसने दूसरे विद्यालय को दिखाकर धन अवमुक्त करा लिया था। जांच रिपोर्ट आने पर इस मामले में धन अवमुक्त होने से पूर्व भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने वाली टेक्निकल टीम के एई और जेई को भी दोषी माना गया।
इस दौरान सीडीओ ने प्रबंधक के साथ-साथ एई और जेई के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। सीडीओ ने प्रबंधक के द्वारा लगाई गई खतौनी की भी जांच कराई।
लालगंज तहसील ने जांच करके सीडीओ को बताया कि खतौनी भी फर्जी है। बताते चलें कि प्रबंधक ने सांसद जया बच्चन की निधि से नौ लाख तथा कुसुम राय की निधि से तीन लाख 75 हजार रुपया विद्यालय को अवमुक्त कराया था।
सीडीओ ने बताया कि पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद जल्दी ही इस मामले में प्रबधंक के साथ-साथ विभाग के दोषी लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। एई और जेई आरईएस विभाग के है।
औरों ने ज्यादा घपला किया
पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्राथमिक विद्यालय के कथित प्रबंधक संतोष मिश्रा का कहना है कि प्रशासन उनके खिलाफ द्वेषभावना से काम कर रहा है।
उन्होंने अब विद्यालय भवन बनवाने का काम शुरू कर दिया है। जबकि जिले में 92 ऐसे विद्यालय प्रबंधक हैं, जिन्होंने अलग-अलग जनप्रतिनिधियों की निधि से दो करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा लिया है और धेले भर भी काम नहीं कराया है।
गंभीरपुर के एक स्कूल के प्रबंधक ने तो 64 लाख रुपये जनप्रतिनिधियों की निधि से जारी करवाए हैं। लेकिन प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बीते माह 20 लाख का मामला पकड़ा गया था
मुख्य विकास अधिकारी ने पिछले महीने अप्रैल में भी विधायक निधि से 20 लाख रुपया लेकर गबन करने के मामले को पकड़ा था।
इस दौरान सीडीओ के आदेश पर 18 अप्रैल 2013 को अवर अभियंता अतुल सिंह ने नेशनल विद्यालय भदुली के प्रबंधक के विरुद्ध सिधारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को धोखाधड़ी और गबन की धारा में दर्ज किया।
इस मामले में विद्यालय के प्रबंधक ने वर्ष 2003 से 2009 के बीच सदर विधायक और मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव की निधि से विभिन्न तिथियों में 20 लाख रुपया लिया था। जांच में उनका विद्यालय भवन कहीं नहीं मिला।