मछली के व्यंजनों के शौकीन लोगों के लिए अपनी तरह की पहली ‘फिश गैलेक्सी’ (मछली तारामंडल) लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र स्थित बाराबिरवा में खुल गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिश गैलेक्सियों को बढ़ावा दिया जाएगा। मछली उत्पादकों को इसका लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए।
इस फिश गैलेक्सी का निर्माण 40 लाख रुपये में हुआ है। निजी क्षेत्र में तैयार इस गैलेक्सी के निर्माण के लिए सरकार ने 25 फीसदी की मदद उपलब्ध कराई है। प्रमुख सचिव मत्स्य योगेश कुमार ने यहां बताया कि बड़े स्तर पर तैयार इस नए प्रयोग की खासियत ये है कि छोटे स्तर पर मछली व्यवसाय से जुड़े लोग इसमें आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि जो मछली व्यवसायी इस तरह की गैलेक्सि बनवाना चाहते हैं सरकार उन्हें 25 फीसदी मदद उपलब्ध कराएगी।
मत्स्य निदेशक डीके सिंह ने बताया कि इससे लोगों के पास खुले में बिकने वाली मछलियों के अलावा एक साफ-सुथरे और बेहतर वातावरण में अच्छी मछलियां मिलने का विकल्प मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि मत्स्य पालक गलियों और सड़कों पर खुले में मछलियां बेचते थे उन्हें इससे एक व्यवस्थित व अच्छे भवनों में बढ़िया प्लेटफार्म मिला है।
गैलेक्सी की खासियत
इस फिश गैलेक्सी में करीब एक दर्जन दुकानें मछलियों की फुटकर बिक्री के लिए हैं जहां से लोग अपने पसंद की मछलियां चुन सकते हैं। पहले दिन यहां 17 तरह की मछलियां उपलब्ध कराई गईं। इनमें औषधीय दृष्टि से उपयोगी मछलियों के साथ एनर्जी बढ़ाने वाली मछलियां भी हैं। एक कांटे की मशहूर शौल मछली और एक समुदाय में बेहद लोकप्रिय हिलिशा और झींगा मछली भी हैं।
रंगीन मछलियां पालने वालों को भी यहां कई तरह की मछलियां मिल जाएंगी। आगे इनकी वेराइटी और बढ़ाने की योजना है। इस गैलेक्सी की एक खासियत ये है कि एक तल पर मछलियों से तैयार तमाम तरह के व्यंजन उपलब्ध हैं। लोग यहां आकर उसका आनंद ले सकते हैं।