पुलिया टूट जाने के बाद पानी से लबालब खेतों से गुजरते लालई के ग्रामीण
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फिरोजाबाद। सिरसा नदी में आए उफान व जलभराव के कारण लालई-घुनपई मार्ग कई दिनों से अवरुद्ध है। दशकों पुरानी नदी की जीर्ण-क्षीर्ण पुलिया के ऊपर से गुजर रहा पानी से आसपास के खेत जलमग्न हैं। ग्रामीणों को अपनी खेतों की रखवाली के लिए करीब पांच से सात किमी. की दौड़ धूप करनी पड़ रही है। अथवा नदी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
नारखी होते हुए हाथवंत की ओर प्रवाहित सिरसा नदी में भरपूर पानी है। विगत दिनों हुई वर्षा के बाद से नदी में उफान जैसी स्थिति के कारण लालई-घुनपई मार्ग पर बनी पुलिया व आसपास के खेतों में कई फीट पानी भरा हुआ है। इस कारण से ये मार्ग करीब 15 दिनों से पूरी तरह अवरुद्ध है। लालई, हलपुरा, खगरई निवासी ग्रामीणों को अपने खेतीबाड़ी से जुड़े कार्यों व कृषि क्षेत्र की रखवाली के लिए किसानों को बिल्टीगढ़ और बैनीपुरा होते हुए खेतों तक पहुंचने को को करीब पांच से सात किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
लालई-घुनपई मार्ग स्थित सिरसा नदी पुलिया की पुलिया जलमग्न हो जाने के कारण खैरगढ-फिरोजाबाद मार्ग पूरी तरह से ठप है जबकि फिरोजाबाद से खैरगढ़ व हाथवंत आने जाने वाले लोगों के सर्वाधिक उपयुक्त व सीधे मार्ग पर नदी किनारे वाले खगरई, हलपुरा, लालई के अधिकांश खेतों में कई फीट पानी भरा हुआ है।
दशकों से टूटी व जीर्क्ष-क्षीर्ण पुलिया को दुरुस्त कराने या फिर नई पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं। हर साल बारिश के दिनों में तीन माह तक इसी तरह की दुश्वारियां झेलते आ रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती।
मनोज कुमार निवासी लालई
खेतीबाड़ी को नुकसान होता ही है। गांव से दूर खेतों की रखवाली रात के वक्त बेहद दुश्वारी हो जाती है। गांव से चंद कदम दूर खेत की रखवाली के लिए बिल्टीगढ़ अथवा घुनपई होते हुए करीब पांच-सात किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है।
मानपाल निवासी लालई
लालई-घुनपई मार्ग पर पुलिया काफी पुरानी है। पुलिया नीचे होने के कारण नदी का पानी आसपास आ जाता है। यह समस्या काफी पुरानी है। हालांकि पुलिया निर्माण के लिए कार्य योजना बनाई है। वर्षा काल के बाद संभवत: पुलिया मरम्मत पर काम लगवाया जा सकता है। जितेंद्र कुमार, एक्सईएन सिंचाई