फिरोजाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिनाक्षी सिन्हा ने दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने के दोषी पति एवं सास, ससुर को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है।
प्रत्येक को आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला महिला थाने से जुड़ा है। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा कि उसकी शादी एक जुलाई 2020 को थाना नारखी क्षेत्र नुनेर गढ़ी निवासी रवेंद्र कुमार के साथ हुई थी। शादी में दो लाख नकद और चार लाख रुपये के घर गृहस्थी का सामान, जेवरात आदि दिए गए थे।
पति रवेंद्र कुमार, ससुर ज्ञान सिंह व सास राजन श्री मिले दहेज से खुश नहीं हुए और अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये व मोटर साइकिल की मांग को लेकर पीड़िता के साथ शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न करते थे। पीड़िता ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि उसके कृत्य से पीड़िता बेहोश हो जाती थी। ससुरालजनों पर एक जनवरी 2021 को करीब 3:00 बजे पिटाई कर पेट्रोल डालकर जान से मारने की नीयत से आग लगाने का प्रयास करना बताया गया। जिससे वह बाल-बाल बच गई। पीड़िता को घर से निकाल दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। न्यायाधीश मिनाक्षी सिन्हा ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद विवाहिता के पति, सास एवं ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।