टूंडला में विद्यासंबर्धिनी धर्मशाला में सजाया गया दुर्गा पांडालसंवाद
- फोटो : टूंडला में विद्यासंबर्धिनी धर्मशाला में सजाया गया दुर्गा पांडाल संवाद
टूंडला। नगर में चलने वाले तीन दिवसीय दुर्गा महोत्सव शनिवार को शाम प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा व महाआरती के साथ धूमधाम से शुरू हो गया। नगर में लगभग 18 स्थानों से अधिक स्थानों पर सजे महामायी के द्वार आम जनता के दर्शनार्थ खोल दिए गए। दुर्गा महोत्सव के पहले दिन हजारों की संख्या में देवी भक्तों ने जगतजननी मां जगदम्बा के विभिन्न रूपों के दर्शन किए। इस मौके पर नगर को काफी भव्य व दिव्य तरीके से सजाया गया है। चहुंओर से ध्वनि विस्तारण यंत्रों से उठते देवी के भजन वातावरण को देवीमय बनाए हुए हैं।
उत्तर भारत में अपनी अनूठी पहचान रखने वाला देवी महोत्सवों में भव्य रूप देने में आयोजकों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। यहां मां भवानी के गगनचुंबी पांडाल, जगमग रोशनी से देवी का पांडाल रंग बदलते प्रतीत हो रहे है। बड़े शिव समाधि मंदिर में आयोजित दुर्गापूजा महोत्सव का शुभारंभ पुजारी बसंतगिरी द्वारा पूजा-अर्चना कर किया। रेलवे कॉलेज में सजाई गई दुर्गा पूजा का शुभारंभ किशन अधिकारी व अरूप अधिकारी ने आरती उतारकर शुभारंभ किया। बंगाली समुदाय का यह महोत्सव अपनी विशेष आरती के लिए प्रसिद्ध है। यहां भक्त हाथ में जलती अज्ञारी लेकर, कोलकाता से आए ढोल की थाप पर नृत्य करते हैं। वहीं यहां पर खिचड़ी भोग ग्रहण करने वालों की विशेष भीड़ जुटती है। काली मंदिर के पीछे स्थित वाल्मीकि बस्ती में भी मां का भव्य दरबार सजाया गया है।
ठाकुर बीरीसिंह महाविद्यालय प्रांगण में दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ आर्टीटेक्ट विनोद शर्मा व पालिकाध्यक्ष भंवर सिंह ने संयुक्त रूप से आरती उतार कर किया। विद्या संवर्धिनी धर्मशाला स्थित दुर्गापूजा महोत्सव का पुजारी मंत्रोच्चारण व अध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव ने आरती उतारकर शुभारंभ किया। रेलवे फ्रेंड्स क्लब पर आयोजित दुर्गापूजा महोत्सव का शुभारंभ डिप्टी सीटीएम अमित आनंद ने किया। इसके अलावा रेलवे कॉलेज रोड स्थित मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, एमपी रोड, नगला मस्जिद, नगला रामकिशन धोबीघाट, चुल्हावली, रसूलाबाद आदि में भी पूजा-अर्चना के बाद आम दर्शकों के लिए मां के द्वार खोल दिए गए।