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विद्युत कटौती से परेशान हैं उपभोक्ता, शहर से लेकर देहात में हो रही विद्युत कटौती

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फिरोजाबाद। गर्मी बढ़ते ही जिले में बिजली की डिमांड करीब 260 मेगावाट तक पहुंच गई है। मांग के सापेक्ष विद्युत वितरण को करीब 200 मेगावाट ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। मांग और आपूर्ति में अंतर बढ़ने से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराने लगी है। उपलब्धता में कमी से शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। शहर में दो घंटे तो देहात क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे तक की कटौती की जा रही है। गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों का रात में सोना भी मुश्किल हो रहा है।
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अप्रैल माह में मौसम का अधिकतम तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। तेज धूप व पछुआ हवाओं से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। गर्मी से बचाव के पंखा, कूलर, एसी चलने से बिजली की मांग में इजाफा हो रहा है। मांग और आपूर्ति में करीब 60 मेगावाट का अंतर आने से विद्युत आपूर्ति चरमरा गई है।
निर्धारित से कम मिल रही आपूर्ति
शासन की ओर ग्रामीण क्षेत्रों को 18, तहसील मुख्यालय को 20 व शहरी क्षेत्र को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। इसके सापेक्ष मौजूदा समय में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे, तहसील मुख्यालयों को करीब 15 व जिला मुख्यालय को करीब 22 घंटे बिजली मिल पा रही है।
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फीडरवार की जा रही कटौती
विद्युत वितरण निगम के सामने संयंत्रों को बचाने की भी चुनौती है। कटौती के बाद आपूर्ति शुरू होते ही एकाएक विद्युत लोड बढ़ रहा है। इससे संयंत्रों के ओवरलोड होकर खराब होने का खतरा बना है। विद्युत की खपत व लोड को देखते हुए उपकेंद्र पर फीडरवार कटौती की जा रही है।
- गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। विद्युत उत्पादन क्षेत्र में कोयला कम होने की जानकारी मिल रही है। इसलिए मांग के सापेक्ष विद्युत कम मिल पा रही है। 220 और 132 केवी से ही विद्युत कटौती हो रही है। कही-कहीं फॉल्ट और अन्य तकनीकि खराबी भी आ जाती है। पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
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हरीश बंसल, अधीक्षण अभियंता।
- दिनभर बिजली आती-जाती रहती है। तापमान इतना अधिक है कि बिजली जाते ही कमरे में एसी की ठंडक खत्म हो जाती है। रहमान अली, कोटला मोहल्ला।
- बिजली दिन-रात आंख मिचौली का खेल खेल रही है। पंखा रुकते ही पसीना आ जाता है। रात में तो नींद भी खुल जाती है।
हरीशंकर राही, आगरा गेट
- देहात क्षेत्रों में बिजली कटौती से परेशान हैं। बिना बिजली के गुजारा नहीं होता है। बमुश्किल 12 से 14 घंटा ही मिल रही है। विमल यादव, धबारा गांव
- फॉल्ट के नाम पर बिजली काट दी जाती है। इससे कामकाज प्रभावित होता है। बिना बिजली के समय गुजारना मुश्किल है।
सुनील राजपूत, बलीपुर गांव
- मच्छर का प्रकोप है और गर्मी भी पड़ रही है। सात से आठ घंटा सुबह, दोपहर और रात्रि में विद्युत कटौती होने से मुश्किल है।
अंकित कुमार, फरिहा
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