रफ़रोजाबाद ! सुगंध दशमी पर नसिया जी जैन मंदिर में धूप चढ़ाती महिलाएं
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फिरोजाबाद। दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन सुगंधदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दोपहर में लोग मंदिरों में धूप खेवने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने धूप खेवकर अपने कर्मों की निर्जरा की। इसी क्रम में श्रद्धालुओं ने शहर के सभी मंदिरों की वंदना की।
दशलक्षण पर्व के बीच बृहस्पतिवार को सुगंधदशमी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने सुगंधदशमी पर उपवास रखा और सुबह नित्य नियम पूजा अर्चना की। इसके बाद दोपहर में परिवार एवं दोस्तों के साथ श्रद्धालु मंदिरों में धूप खेवने पहुंचे।
युवा टोलियां बनाकर शहर के जैन मंदिरों की वंदना के लिए गए। मंत्रोच्चारण के बाद अग्नि के समक्ष धूप चढ़ाई। शहर के चंद्रप्रभु मंदिर, छदामीलाल जैन मंदिर, नसियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अट्टावाला जैन मंदिर, घेरखोखल मंदिर, बड़ा मोहल्ला स्थित अजितनाथ जिनालय, गांधी नगर स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में भक्तों की भीड़ लगी रही।
दुर्लभता से मिलता है मनुष्य जन्म: विवेक सागर
नसियाजी मंदिर में जैन आचार्य श्री 108 विवेक सागर महाराज ने कहा क मनुष्य पर्याय बड़ी ही दुर्लभता से मिलता है। हालांकि हम विषय भोगों में फंसकर इसे बड़ी ही सुलभता से गवां देते है। आचार्यश्री ने कहा कि सच्चे योगी का तप अपने हित के लिए होता है। जीवन में तप द्वारा ही मन और चित्त पर अंकुश किया जा सकता है। छदामीलाल जैन मंदिर में जैन मुनिश्री सुरत्न सागर महाराज और चंद्रप्रभु मंदिर में ब्रह्मचारी अन्नू भैयाजी ने प्रवचन दिए।