फिरोजाबाद। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे मथुरा नगर निवासी प्रांजल शर्मा के माता-पिता रूस-यूक्रेन के मध्य ताजा हालातों को लेकर बेहद डरे हुए हैं। परिजन के अनुसार बृहस्पतिवार की रात 12 बजे युद्ध का सायरन बजने और आनन-फानन में प्रांजल सहित 50 अन्य छात्रों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया था। पिता बसंत कुमार शर्मा ने बताया कि पुत्र से शुक्रवार की सुबह बातचीत हुई। तब उसने पूरा वृतांत बताया। युद्ध की गंभीर स्थिति के बाद परिजन काफी चिंतित हैं।
दवा व्यापारी और एक स्कूल के संचालक बसंत कुमार शर्मा का पुत्र प्रांजल शर्मा स्नोफॉल यूनिवर्सिटी यूक्रेन में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। रूस-यूक्रेन के बीच तनातनी बढ़ने के बाद बृहस्पतिवार को उसे भारत के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। लेकिन उससे पूर्व ही रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। इस कारण से यूक्रेन भेजी फ्लाइट को भारत ने वापस बुला लिया। अचानक फ्लाइट रद्द हो जाने से परिजन की चिंता बढ़ गईं हैं। पिता बसंत कुमार शर्मा ने बताया कि प्रांजल से शुक्रवार को तड़के बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान प्रांजल ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब 12 बजे अचानक युद्ध का सायरन बजते ही यूनिवर्सिटी कैंपस में फंसे करीब 50 मेडिकल छात्र भय से चिंतित हो गए। हालांकि बाद में यूक्रेन के सुरक्षा बल ने उन्हें आनन-फानन में एक बंकर में सुरक्षित पहुंचा दिया।
प्रांजल के पिता बसंत कुमार शर्मा बताया कि प्रांजल व अन्य मेडिकल छात्रों को पहले रोमानिया भेजा जाएगा। वहां से उन्हें भारत के लिए फ्लाइट उपलब्ध कराई जाएगी। यह जानकारी प्रांजल शर्मा को यूक्रेन में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों ने दी है।
केंद्र सरकार ने यूक्रेन में फंसे सभी भारतीयों को वापस लाने के लिए नि:शुल्क वायु सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। प्रांजल के पिता बसंत कुमार शर्मा और व्यापार मंडल के नेता अंबेश शर्मा ने भी केंद्र सरकार द्वारा हेल्पलाइन नंबरों पर बातचीत की। बातचीत के दौरान ही केंद्रीय नियंत्रण कक्ष द्वारा सभी भारतीयों को वापस लाने का खर्चा केंद्र सरकार द्वारा उठाए जाने का आश्वासन दिया गया।