मानकों की अनदेखी कर आबकारी विभाग ने धार्मिक स्थलों, मंदिरों और खादी भवन के समीप शराब की दुकानों का आवंटन कर दिया। इसे लेकर कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हुए लेकिन विभाग की हठधर्मिता के चलते आवंटित दुकानें निरस्त नहीं र्हुइं। मथुरा की तरह फीरोजाबाद में भी कई बार विरोध के स्वर गूंजे लेकिन दुकानों को स्थानांतरित नहीं किया गया। महज दो दुकानों को बंद कर प्रशासन ने जनता को आश्वासन देकर टरका दिया।
अप्रैल माह के शुरुआती दिनों में देशी, अंग्रेजी और बीयर के ठेकों को लेकर शुरू हुआ विवाद भले ही थम गया हो, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ठेका खोलने की अनुमति देने से पूर्व नियमों को पूरी तरह से ताक पर रख दिया है। शहर के गांधी पार्क चौराहा पर लगी विवेकानंद की प्रतिमा से 10 मीटर की दूरी पर अंग्रेजी शराब का ठेका होनेे के साथ ही बीयर बार संचालित है। जबकि 50 मीटर दायरे के अंदर गर्ल्स डिग्री कालेज, गर्ल्स इंटर कालेज के साथ अन्य शिक्षण संस्था और धार्मिक स्थल भी हैं। उधर सेंट्रल चौराहा के समीप बीयर और अंग्रेजी शराब की दुकानों को खोलते समय मानकों की अनदेखी की गई। यहां दुर्गा मंदिर के साथ सैय्यद बाबा की मजार है। प्रतिदिन श्रद्धालु बाबा की मजार पर मत्था तो मां के दर्शन को आते हैं। इसके अलावा कोटला चुंगी स्थित खादी आश्रम के सामने भी अंग्रेजी, देशी और बीयर की दुकान आवंटित कर दी गई। कई सालों से यहां दुकान है लेकिन कोई इसका विरोध नहीं कर सका।
यह है मानक
मानकों पर गौर किया जाए तो अंग्रेजी, देशी और बीयर का ठेका शिक्षण संस्था, धार्मिक स्थल के साथ किसी भी महापुरुष की प्रतिमा से करीब 50 मीटर की दूरी पर होना चाहिए लेकिन शहरी क्षेत्र में इस मानक का विभागीय अधिकारियों द्वारा पालन नहीं किया गया।
इन ठेकों को प्रशासन ने कराया बंद
राधाकृष्ण मंदिर के समीप खोले गए बीयर के ठेके से मंदिर की दूरी महज 20 मीटर थी। व्यापारियों के विरोध के चलते इसे बंद करा दिया गया। नगला मिर्जा बड़ा में शिक्षण संस्था और प्राचीन मंदिर के समीप देशी शराब का ठेका खोला तो महिलाएं झाडू और डंडा लेकर सड़क पर उतर आईं। इसके बाद इसे बंद कराया गया।
शिकोहाबाद में मंदिर पास शराब के ठेके
नगर में वेटेनरी हास्पिटल के बाहर देशी व अंग्रेजी शराब के ठेके की खुले हैं। इन दुकानों के पास ही दुर्गा मंदिर बना हुआ है। आबकारी विभाग की टीम निकट स्थित गिहार कालोनी में आए दिन कच्ची शराब के ठिकानों पर छापा जरूर मारती है लेकिन दुर्गा मंदिर के पास स्थित ठेकों की ओर ध्यान नहीं देती।