फिरोजाबाद। शहर की घनी आबादी में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों को यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान में स्थानांतरित किए जाने का काम तीन साल से अधर में है। शासनादेश के बाद भी उपरोक्त इकाइयों को औद्योगिक आस्थान में शिफ्ट की मांग इंडस्ट्रीज ऑनर्स एसोसिएशन की ओर से की गई है। वहीं मंडलायुक्त ने तीन माह में यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान में कांच इकाईयों का स्थानांतरण करने का आश्वासन दिया है।
शहर की घनी आबादी वाले स्टेशन रोड, रानीवाला कंपाउंड श्याम नगर, मुरली नगर, हिमांयुपूर, मिर्जा का नगला, आकाशवाणी रोड, मदीना कॉलोनी आदि के अलावा जाटवपुरी चौराहा पर करीब 25 कांच व चूड़ी इकाइयां संचालित हैं। विगत वर्ष 2017 में उक्त इकाइयों को यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान में स्थानांतरित किए जाने की योजना थी लेकिन उक्त योजना अभी भी अधर में लटकी है जबकि योजना के तहत सभी इकाईयों को यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर भूखंड आवंटित हैं। यहां पर कई ने तो भट्ठी निर्माण व अन्य व्यवस्था भी पूरी करा लीं है। द एसोसिएशन ऑफ ग्लास इंडस्ट्रीज द्वारा यह मुद्दा मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान उठाया गया है।
मंडलायुक्त ने विभागों से मांगी रिपोर्ट-
बैठक में मौजूद रहे उद्योगपतियों की माने तो घनी आबादी में संचालित कांच इकाईयों को स्थानांतरण मामले की रिपोर्ट अग्निशमन, गेल इंडिया एवं उद्योग विभाग के अफसरों से रिपोर्ट मांगी है।
शहर में बिछा है गेल गैस की पाइप लाइन का जाल-
घनी आबादी क्षेत्र में संचालित करीब 25 इकाईयों को गैस की सप्लाई सुनिश्चित कराने के लिए शहर की गली-कूचों से लेकर प्रमुख मार्गों पर गैल गैस की पाइप लाइनों का जाल बिछा हुआ है।
घनी आबादी में संचालित कांच इकाईयों को स्थानांतरण संबंधी आदेशों का अध्ययन कर रहे हैं। टीटीजेड एरिया में नए बदलावों को लेकर कुछ दिक्कतें हैं। फिर भी पूर्व संचालित इकाईयों दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने से जुड़ी संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
अमरेश पांडेय उपायुक्त उद्योग
एसोसिएशन की मांग के आधार पर मंडलायुक्त ने घनी आबादी में पूर्व संचालित इकाइयों की शिफ्टिंग के लिए तीन माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इंजीनियर राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज ऑनर्स