फिरोजाबाद। जल निगम की ओर से यमुना किनारे संचालित होने वाला सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पिछले छह दिनों से बंद है। शहर के नालों तथा नालियों से निकलने वाला 66 एमएलडी गंदा पानी सीधे यमुना में छोड़ा जा रहा है। इसका बड़ा कारण प्लांट का संचालन करने वाली संस्था का भुगतान नहीं होना है। विभागीय अधिकारी सिर्फ पत्र जारी करने तक सीमित है। नदियों के पानी को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से यमुना किनारे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना करोड़ों की धनराशि खर्च करके की गई है। एक जून 2022 को इस प्लांट को संचालित किए जाने की जिम्मेदारी जल निगम की ओर से त्रिवेणी कंपनी को सौंप दी गई थी। पिछले करीब तीन वर्षों से कंपनी के द्वारा सीवर ट्रीटमेंट का संचालन किया जा रहा था। इस कंपनी को प्लांट के संचालन को होने वाला भुगतान शुरुआत से लेकर अभी तक नहीं किया गया है।
भुगतान नहीं मिलने के कारण आखिर संस्था ने 1 सितंबर से प्लांट के संचालन बंद कर दिया। इस प्लांट के संचालन के बंद हो जाने के कारण शहर के नालों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे यमुना में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण यमुना का जल भी विषैला हो रहा है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन का काम देख रहे जल निगम की मुख्यालय स्थित शाखा के अधिशाषी अभियंता की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है। उन्होंने नगर निगम के अफसरों को प्लांट का संचालन करने वाली संस्था के भुगतान के अभाव में संचालन बंद करने की जानकारी दे दी है। परंतु नगर निगम की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं।