ऑनलाइन शिक्षा से बनी किताबों से दूरी, सुधार में जुटे हैं शिक्षक
बेहतरी के लिए काउंसलिंग और शारीरिक गतिविधियां भी कराई जा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय तक विद्यार्थी स्कूल नहीं जा सके। ऑनलाइन शिक्षा से उनकी दिनचर्या बिगाड़ दी। अब स्कूलों में पहुंच रहे बच्चे बदले-बदले नजर आ रहे हैं। शिक्षक उन्हें फिर पुरानी स्थिति में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जिससे बच्चे फिर से किताबों से पढ़ाई की आदत बनाएं। उनकी क्षमता विकसित हो। इसके लिए बच्चों की काउंसलिंग भी की जा रही है।
आईवी इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या नंदनी यादव ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत कम हो गई है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों ने अधिकांश समय घरों में बिताया है। ऐसे में अब जब स्कूल खुले हैं तो बच्चों की क्लास रूम में बैठने की क्षमता खत्म सी हो गई है। शुरुआत में तो क्लास में ज्यादा समय बैठने पर पीठ दर्द की शिकायत छात्र करते थे। इसके लिए फिजिकल एक्टिविटी भी कराई जा रही है। बच्चों में लर्निंग गैप ज्यादा हो गया है। हम पढ़ाई के साथ रिवीजन भी करा रहे हैं। छोटी क्लासों में छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक स्तर कम हुआ था। अब शिक्षकों के लिए फिर से शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एक चुनौती बन गया है। विद्यालय प्रशासन को दो साल की स्कूल से दूरी के अंतर को कम करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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ऑनलाइन क्लास में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पढ़ाई ठीक से समझ में नहीं आती थी। अधिकांश समय मोबाइल में बीतता था। ऑफलाइन क्लास में कोरोना का भय कम हो गया है।
- कार्तिक अग्रवाल, कक्षा 9
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ऑनलाइन पढ़ाई में हमारी सभी शंकाओं का समाधान नहीं हो पाता था। ऑनलाइन क्लास में शिक्षक ज्यादा समय न देकर ऑफलाइन कक्षा में ज्यादा ध्यान देते थे। जिसमें उन्हें मानसिक तनाव से जूझना पड़ता था। ऑफलाइन क्लासों में शिक्षकों का पूर्ण सहयोग रहता है।
- अर्यांश कुमार, 12वीं
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ऑनलाइन क्लासों में नेटवर्क आदि कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। वहीं ऑफलाइन क्लासों में शिक्षक द्वारा मनोबल, उत्साह को बढ़ाया जाता है। अब विषयों से संबंधित कोई परेशानी होती है उसका प्रत्यक्ष रूप से समाधान कराया जाता है।
- छवि जैन, 12वीं
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कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान स्मार्ट फोन जरूरी हो गया था। हमारे कुछ दोस्तों को मोबाइल की आदत भी पड़ गई थी। जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा। अभी ऑफलाइन क्लासें चल रही हैं तो पढ़ाई में ध्यान लगता है।
- सार्थक बंसल, 12वीं
कोरोना काल के वक्त ऑनलाइन पढ़ाई के कारण कई छात्रों ने स्कूल में एक स्थिर दिनचर्या खो दी है। इससे उनकी क्षमता प्रभावित हुई है। विशेष रूप से बुनियादी पढ़ने और लिखने में। अब बच्चे प्रौद्योगिकी पर अधिक निर्भर हो गए हैं। बच्चों के सोने और खाने के तरीके बदल गए हैं। स्कूल में शिक्षक विद्यार्थियों की काउंसलिंग के साथ फिजिकल एक्टिविटी करा रहे हैं। जिससे छात्र मानसिक और शारीरिक रूप से समक्ष बनें।
- पावन शर्मा, शिक्षक
आईवी इंटरनेशनल स्कूल