फिरोजाबाद। खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी बढ़ती जा रही है। अक्तूबर और नवंबर 2020 में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों से लिए खाद्य पदार्थों में 15 नमूनों की रिपोर्ट फेल पाई गई है। इनमें चार मावा और पनीर के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि 17 अक्तूबर को सुहागनगर में एक गाड़ी से आपूर्ति के लिए लाया गया पनीर का नमूना लिया था। यह पनीर का नमूना रजत गुप्ता निवासी ताजगंज आगरा से संग्रहीत किया था। प्रयोगशाला जांच में पनीर में रिफाइंड की पुष्टी हुई है। रिपोर्ट में इसे मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया है। 23 अक्तूबर को विक्रेता सोनवेंद्र सिंह निवासी नौगंवा फतेहाबाद से विक्रय के लिए जा रहे मावा का नमूना लिया था। प्रयोगशाला में इसे असुरक्षित घोषित किया है। इसे दूध के बजाय अन्य खाद्य पदार्थों से बनाया गया था। 11 नवंबर को विक्रेता भुवनेश शर्मा निवासी गढैया जसराना द्वारा विक्रय किए जा रहे बर्फी का नमूना भी असुरक्षित पाया है। इसमें एल्मुनियम एवं अन्य वसा की मिलावट की गई। नौ नवंबर को विक्रेता मुकेश कुमार निवासी डंडिनिया आगरा से लिए सॉस का नमूना भी असुरक्षित पाया है। इसमें अखाद्य रंग टेट्राजाइन, कार्मोसाइन एवं सनसेट यलो की पुष्टी हुई है। टूंडला में श्याम सुंदर से लिया मिल्क केक के नमूने में मैदा और रिफाइंड की मिलावट की पुष्टी हुई है। मक्खनपुर से यूरेश पुत्र भगवान सिंह से संग्रहीत बर्फी में भी वसा की पुष्टी राजकीय प्रयोगशला की ओर से की गई है। कोटला रोड़ स्थित आशीष ट्रेडर्स से राजधानी मसूर की दाल की पैकिंग पर पूरी जानकारी अंकित नहीं थी, इसलिए इस नमूने को फेल कर दिया है। किचन स्टोर सिरसागंज से लिया खजूर का नमूना भी फेल हुआ है। इसकी पैकिंग पर मानक के अनुसार जानकारी अंकित नहीं थी। पारसनाथ किराना स्टोर से किशमिश की पैकिंग पर पूर्ण जानकारी न होने के कारण इसे फेल कर दिया है। सिरसागंज सोंथरा चौराहा स्थित एक मिठाई की दुकान से लिए छैना के नमूने में भी मैदा की मिलावट मिली है। सराय खैरत अली शिकोहाबाद से लिया अपमिश्रक के नमूने में तंबाकू होने की पुष्टी हुई है। ओम इंटरप्राइजेज नगला दखल से लिया तंबाकू बनाए जाने वाले अपमिश्रक जांच में फेल पाया है।
खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हुए हैं। इनके खिलाफ मुकद्दमा दायर कराया जाएगा। मिलावट करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है और नियमानुसार कार्रवाई भी हो रही है। डॉ. सुधीर कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
सेहत के साथ खिलवाड़
खाद्य पदार्थों में मिलावट सेहत के साथ खिलवाड़ है। लीवर की समस्या सबसे ज्यादा होती है। रसायनयुक्त पदार्थों का सेवन करने से गुर्दे खराब हो जाते हैं। यहां तक कि कैंसर का कारण भी बन जाते हैं।
डा. डीके गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन