शिकोहाबाद। ग्राम नगला कनही में पारिवारिक कलह और मकान के बंटवारे से व्यथित होकर खुद को गोली मारने वाले रिटायर्ड दरोगा जयवीर सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती दरोगा का उपचार जारी है, लेकिन शुगर लेवल काफी बढ़ा होने के कारण डॉक्टर उनके चेहरे की सर्जरी नहीं कर पा रहे हैं।
कैंसर से पीड़ित पत्नी कमलेश यादव के निधन के बाद से ही रिटायर्ड दरोगा का परिवार बिखर रहा था। तीन बेटों ने गांव में अलग मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया था। एक घर में दो अन्य बेटे जय बहादुर और जयकिशन रहते हैं। पिछले एक सप्ताह से इन दोनों ने भी दीवार लगाकर अलग-अलग हिस्सा करने का निर्णय लिया था। रविवार को घर में काम हो रहा था। आंगन में दीवार लगती देख जयवीर सिंह ने राजमिस्त्री से काम बंद करवा दिया था। इसी पर बेटों और पुत्रवधू से उनका विवाद हो गया। जयवीर सिंह अत्यधिक आहत हो गए। इसी मानसिक तनाव में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली थी। प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार राणा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बेटों के अलग होने और घर में बन रही दीवार के विवाद के कारण ही रिटायर्ड दरोगा ने यह आत्मघाती कदम उठाया था। जिस लाइसेंसी राइफल से उन्होंने खुद को गोली मारी, उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और उसे सीज कर मालखाने/शस्त्रागार में जमा कराने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दरोगा के बड़े बेटे जय बहादुर ने बताया कि जबड़े के पास गोली लगने से चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके शुगर स्तर को सामान्य करने के प्रयास में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द ऑपरेशन किया जा सके।
फोटो-204-गोली लगने से घायल हुआ रिटायर्ड दरोगा जयवीर सिंह। स्रोत परिजन