धरना-प्रदर्शन में विचार व्यक्त करते हरचरन सिंह चन्नी एवं जिलाध्यक्ष। संवाद
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के प्रांतीय आह्वान पर जिले के राशन विक्रेताओं ने मंगलवार को भी राशन सामग्री का वितरण नहीं किया, जिससे अधिकांश दुकानों पर ताले लटके रहे। तीन दिवसीय बंदी के बाद बुधवार से सभी राशन विक्रेता अगस्त माह की सामग्री का वितरण शुरू करेंगे। जिलाध्यक्ष अली मोहम्मद खान ने बताया कि कोटेदारों की प्रमुख मांगें पूरी की जाएं।
ये हैं राशन विक्रेताओं की मांगें
- छह माह के लाभांश का लंबित भुगतान: कोटेदारों को पिछले छह माह से उनके लाभांश का भुगतान नहीं हुआ है, जिसमें जनवरी और फरवरी माह का बाजरा लाभांश भी अटका हुआ है।
- कम लाभांश दर: उन्होंने बताया कि कई राज्यों में कोटेदारों को 200 रुपये प्रति क्विंटल का लाभांश मिल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह मात्र 90 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसे वे अन्यायपूर्ण मानते हैं।
- ठेकेदारों की शिकायतें: राशन सामग्री की दुकानों तक समय पर डिलीवरी न होने और कुछ ठेकेदारों द्वारा खाद्यान्न को गीला करके देने की भी शिकायतें हैं।
- मिड-डे-मील का लंबित भाड़ा: 2001 से 2014 तक के मिड-डे-मील के भाड़े का भुगतान भी नहीं किया गया है।
शिकोहाबाद में भी धरना-प्रदर्शन
इन्हीं मांगों को लेकर शिकोहाबाद के काजीटोला में उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के बैनर तले धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। आगरा मंडल प्रभारी हरचरन सिंह चन्नी ने लाभांश भुगतान में देरी और अन्य राज्यों की तुलना में कम लाभांश दर पर नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अली मोहम्मद खान सहित कई अन्य कोटेदार मौजूद रहे।