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Firozabad News: पुलिस ने लिए डॉक्टर-स्टाफ के बयान, अब पुलिसकर्मियों के होंगे

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फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव लभौआ में चोरी के शक में पति गौरव को हिरासत में लेने और विरोध पर गर्भवती को अंजलि निगम के पेट में लात मारने से मौत के आरोपों की जांच अब पुलिसकर्मियों और अस्पताल प्रशासन तक पहुंच गई है। बृहस्पतिवार को जांच अधिकारी एएसपी जयबिंद कुमार गुप्ता और शिकोहाबाद पुलिस की टीम ने संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सक, नर्सिंग इंचार्ज और आशा कार्यकर्ता के बयान दर्ज किए।
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उधर, आगरा में उपचाराधीन नवजात की सुरक्षा और देखभाल के लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गांव में अभी भी शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस नियमित रूप से गश्त कर रही है। परिजन के बयान भी जांच के क्रम में दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को लभौआ निवासी अंजलि निगम ने संयुक्त अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रसूता के शरीर में मात्र 5 पॉइंट हीमोग्लोबिन होने और बेटे के जन्म के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। हालांकि, मौके पर मौजूद एक समाजसेवी ने प्रसूता की मौत संयुक्त अस्पताल में ही होने का दावा कर पुलिस प्रशासन की उलझन बढ़ा दी थी।
दावों की हकीकत परखने के लिए बृहस्पतिवार को पहुंची पुलिस टीम ने महिला चिकित्सक डॉ. हैप्पी यादव, नर्सिंग इंचार्ज संगीता यादव और आशा के बयान दर्ज किए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी केशव ने पुलिस द्वारा स्टाफ से पूछताछ और बयान दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद प्रो. रामजीलाल सुमन के थाने में धरना देने और परिजन के आक्रोश के बाद पुलिस पर लगे आरोपों की जांच भी तेज हो गई है। जांच टीम अब घटना में शामिल शिकोहाबाद थाने के दरोगा धर्मपाल, सत्यपाल समेत निलंबित किए गए सभी छह पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
वहीं, अंतिम संस्कार के बाद श्मशान की राख में छेनी मिलने और परिजन द्वारा पोस्टमार्टम पर उठाए गए सवालों के बाद फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर छेनी को जांच के लिए लैब भेज दिया है। उधर, अंजलि की मौत के बाद जन्मे बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है। मासूम की सुरक्षा और पल-पल की मेडिकल अपडेट के लिए शिकोहाबाद पुलिस ने अस्पताल में दो सिपाहियों को तैनात किया है, जो सीधे अधिकारियों को रिपोर्ट दे रहे हैं।
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