फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में गंदगी और जलभराव से मरीज, तीमारदार, सरकारी आवास में रहने वाले लोग परेशान हैं। नेत्र रोग विभाग के गेट पर जलभराव होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते है। चिकित्सा स्टाफ भी जिला अस्पताल परिसर में बने आवासों में निवास करता है। 150 मरीजों को अस्पताल में रोजाना भर्ती किया गया जाता है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर ध्यान नहीं देते। नेत्र रोग विभाग के पास बने सरकारी आवासों के बाहर सड़क पर जलभराव है।
नेत्र रोग विभाग के दरवाजे पर भी सीवर का पानी भरा हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस के सामने बने बर्न वार्ड के पास भी गंदगी का आलम है। वार्ड में भर्ती मरीज और तीमारदारों के साथ स्टाफ भी गंदगी से परेशान हैं।
अस्पताल परिसर में गंदगी नहीं रहनी चाहिए। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सरकार अभियान चला रही है। वहीं अस्पताल की सफाई को लेकर जरा सा भी ध्यान नहीं है। गंदगी के कारण मरीजों को दिक्कत होती है।
बलवीर सिंह, निवासी बिल्टीगढ़
सड़क पर पानी भरा होने के कारण यहां से निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डर लगता है कि कहीं डेंगू का मच्छर न काट लें।
जायरा, निवासी नूर नगर
अस्पताल परिसर में गंदगी के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों को होती है। इसके बाद भी अफसर ध्यान नहीं देते। अफसरों की अनदेखी के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
शहनवाज, निवासी हुंडावाला बाग
अस्पताल में गंदगी होने के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। यहां जो आता है वह पहले से ही बीमार होता है। ऐसे में गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
शेर सिंह, निवासी लाइनपार टूंडला
सरकारी आवास के बाहर जलभराव हो गया है। पानी की निकासी के लिए व्यवस्था कराई जा रही है। अस्पताल साफ रहे इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
डा. श्याम मोहन गुप्ता, सीएमएस