कांच-चूड़ी की 16 इकाइयों को गेल का नोटिस
लंबे समय से बंद हैं ये इकाइयां, गैस अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन में हो सकती है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कई माह से बंद शहर की 16 कांच व चूड़ी इकाइयों को गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने गैस का कोटा अनुबंध निरस्त करने का नोटिस दिया है। सभी से 30 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। इस नोटिस से शहर के कांच उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है।
फिरोजाबाद कांच एवं चूड़ी उद्योग जगत की दुश्वारियां कम होने की जगह लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। कोरोना एवं वैश्विक मंदी के कारण फिरोजाबाद का परंपरागत एवं कुटीर उद्योग की तरह संचालित कांच उद्योग तंगहाल स्थिति में रहा। माहौल सामान्य होने के बाद कांच उद्योग जगत में कारोबार का पहिया गति पकड़ने की स्थिति में है। लेकिन कच्चे माल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से परेशान कांच उद्योग जगत को अब गेल इंडिया ने जोरदार झटका दिया है। गेल इंडिया की ओर से 28 अप्रैल 2022 को शहर की 16 कांच एवं चूड़ी इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये इकाइयां अलग-अलग कारणों से कई माह से बंद हैं। नेचुरल गैस आपूर्ति संबंधी अनुबंध के उल्लंघन का हवाला देते हुए इन इकाइयों से जुड़े लोगों को 30 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में साफ तौर पर गैस अनुबंध को खत्म करने की चेतावनी जारी की गई है।
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इन इकाइयों को जारी हुआ है नोटिस
गोविंद ग्लास वर्क्स, उमा ग्लास वर्क्स, हौदारिया ग्लास वर्क्स, बेबी ग्लास वर्क्स, पॉपुुुुलर ग्लास वर्क्स, अजंता ग्लास वर्क्स, स्टार ग्लास वर्क्स, मुकेश ग्लास वर्क्स, जीटी ग्लास वर्क्स, आकाशबाड़ी ग्लास वर्क्स, विशेष ग्लास वर्क्स, जूपीटर ग्लास वर्क्स,टेक्निकल ग्लास वर्क्स और जैना ग्लास इंडस्ट्रीज,दुर्गा ग्लास वर्क्स,राघव ग्लास वर्क्स।
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कई अन्य इकाईयां भी आएंगी कार्रवाई के दायरे में
नेचुरल गैस की सप्लाई ले रही कांच व चूड़ी इकाइयों एवं गेल इंडिया लिमिटेड के मध्य हुए अनुबंध के मुताबिक प्रत्येक इकाई को एक साल में कम से कम 180 दिन गैस सप्लाई लेना अनिवार्य है। लेकिन शहर में कई इकाईयां ऐसी हैं, जो कि पारिवारिक विवाद, पार्टनरशिप विवाद अथवा संपत्ति विवाद के चलते छह माह अथवा एक वर्ष से अधिक समय से बंदी की मार झेल रहीं हैं।
जो इकाईयां छह माह से अधिक अवधि से बंद हैं या गैस सप्लाई नहीं ले रहीं इकाईयां गैस सप्लाई संबंधी अनुबंध का उल्लंघन कर रहीं हैं। 16 इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। सभी से जवाब मांगा है। अगर निर्धारित अवधि में संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया। तो फिर अनुबंध में वर्णित नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। जिसमें गैस सप्लाई अनुबंध निरस्त किए जाने का विकल्प भी शामिल है।
- आशीष केशरवानी, क्षेत्रीय प्रबंधक विपणन, गेल