जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला न्यायाधीश श्रीकृष्ण सिंह की अध्यक्षता में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 1214 वादों का निस्तारण करते हुए लाखों रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
मासिक लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि सभी न्यायिक अधिकारी वादकारियों को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से व्यक्तिगत रुचि लेकर अधिक से अधिक वादों का निस्तारण करें। मासिक लोक अदालत का उद्देश्य छोटे मामले, जिनका निस्तारण पारस्परिक सुलह वार्ता से संभव है, उनका निस्तारण करना है। इससे पारस्परिक सौहार्द एवं समन्वय भी स्थापित होता है। जनपद न्यायाधीश ने आठ वादों का निस्तारण कर 26,10,000 रुपये प्रतिकर व पांच वादों का निष्पादन किया। अपर जिला जज उमाशंकर शर्मा ने दो फौजदारी के वाद निस्तारित किए। परिवार न्यायाधीश ज्योत्सना शर्मा ने पांच वैवाहिक वाद, 10 भरण पोषण, अपर जिला जज रामपाल सिंह ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर एक वाद, अपर जिला जज राकेश कुमार द्वारा दो प्रर्कीण वाद, अपर जिला जज संजीव कुमार द्वारा मोटर दुर्घटना के दो वादों का निस्तारण किया।
सीजेएम चंद्रभान सिंह ने कुल 358 वादों का निस्तारण कर 47,140 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रमोद कुमार गंगवार ने चार मूलवाद एवं छह उत्ताराधिकार के वादों का निस्तारण कर 14,49,353 रुपये का अर्थदंड वसूला। एसीजेएम निशांत देव ने 148 वादों का निस्तारण कर 20,120 रुपये अर्थदंड वसूला। एसीजेएम अर्चना यादव ने 141 वादों का निस्तारण कर 6,090 रुपये अर्थदंड वसूला।