फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के एक मोहल्ले में किशोरी की शादी की सूचना पर शनिवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ मय फोर्स पहुंचीं। उन्होंने किशोरी के परिजन को बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करना कानूनी अपराध है। समझाने पर परिजन मान गए। 17 अप्रैल को किशोरी की हिमायूंपुर क्षेत्र से बारात आनी थी।
चाइल्ड दिशा प्रोग्राम की कोआर्डिनेटर ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई कि थाना उत्तर क्षेत्र के एक मोहल्ले में नाबालिग बेटी की शादी 17 अप्रैल को कराई जा रही है। इसके बाद बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ , काउंसलर नीलम भारती, सामाजिक कार्यकर्ता गीता सिंह के साथ विभव नगर चौकी प्रभारी के साथ खोजते हुए किशोरी के घर पर पहुंचे। टीम ने किशोरी के परिजन को समझाया कि कम उम्र मे शादी करना गलत है। यह कानून का उल्लंघन की श्रेणी में आता है। यदि शादी की तो फिर परिजन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
टीम ने किशोरी के जब जन्म संबंधी अभिलेखों को देखा तो पता चला कि स्कूल के रजिस्टर में उसका जन्म एक जनवरी 2006 अंकित है। किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति ने किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण 17 अप्रैल को आयोजित होने वाले विवाह को रोके जाने के आदेश दिए हैं। परिजन से शपथ पत्र लिया कि वह जब तक 18 वर्ष की नहीं हो जाती तब तक शादी नहीं करेंगे। उसकी शिक्षा को जारी रखा जाएगा। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. उग्रसेन पांडेय और हरगोविंद सिंह भी मौजूद थे।