फिरोजाबाद। शिक्षा को आधुनिकीरण से जोड़ा जा रहा है। जहां परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं बनाई जा रही हैं। वहीं, आईटीआईटी में भी बदलाव किए जा रहे हैं। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों की कक्षाएं अत्याधुनिक होंगी। चाॅक-डस्टर का प्रयोग नहीं होगा। क्योंकि की ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे उन्हें तकनीकी को अच्छे से समझने में आसानी होगी। दो राजकीय आईटीआई में अत्याधुनिक डिजिटल बोर्ड के सामानों की आपूर्ति हो चुकी है। जल्द ही इन्हें इंस्टाॅल किया जाएगा।नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी तरह तकनीकी शिक्षा के साथ युवाओं का कौशल निखारने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत ही आईटीआई में रोजगारपरक नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। कंप्यूटर, मैकेनिकल, इलेक्ट्राॅनिक्स के साथ ड्रोन, एआई तकनीकी के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करने की कोशिश है। जिले में दो राजकीय आईटीआई संचालित है। इनमें शिकोहाबाद स्थित राजकीय आईटीआई को नोडल बनाया गया है। इसके अलावा टूंडला में आईटीआई संचालित हैं। यहां अभी सफेद बोर्ड पर चॉक, डस्टर और मार्कर से पढ़ाई होती है। स्मार्ट क्लास रूम के साथ डिजिटल बोर्ड में पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए कई मायने में खास रहेगी। इस बोर्ड पर प्रोग्रामिंग को विद्यार्थी आसानी से समझ सकेंगे। किसी स्ट्रक्चर को थ्री-डी के रूप में भी दिखाया जा सकेगा।
आईटीआई परिसर में ही टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से छह ट्रेड के लिए आधुनिक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कक्ष में प्रथम बैच की पढ़ाई चल रही है। यहीं पर पहले स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू कराई जाएगी। दोनों विद्यालयों के लिए डिजिटल बोर्ड आ चुके हैं।
नेहा वाजपेयी, प्रधानाचार्य आईटीआई शिकोहाबाद