तहसील कर्मियों की मनमानी को लेकर रामगढ़ उर्फ उम्मरगढ़ के किसानों में रोष है। किसानों ने खतौनी को कंप्यूटर में दर्ज न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए उपजिलाधिकारी डा पंकज वर्मा को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन की चेतावनी भी दी।
बताते चलें कि टूंडला तहसील बनने के दौरान एटा जिले के 58 गांव फीरोजाबाद जिले में शामिल हुए थे। उनकी खतौनी को टूंडला तहसील में दर्ज कराया जाना था, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इन गांवों की खतौनी को कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया जा सका है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शनिवार को गांव रामगढ़ उर्फ उम्मरगढ़ के करीब तीन दर्जन किसान तहसील पहुंचे। किसानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कंप्यूटर में खतौनी दर्ज कराए जाने की मांग की। किसानों का कहना है कि 27 सालों से क्षेत्र में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही थी, जिसे 30 दिसंबर 2014 को शासन ने निरस्त कर दिया था। वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। खतौनी पर आदेश दर्ज न होने के कारण वह परेशान हैं। इसकी वजह से उनका न क्रेडिट कार्ड बन पा रहा है और न उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ। किसानों ने सात दिन में समस्या का समाधान न होने पर गांव इमलिया में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में धर्मवीर सिंह, उस्मान अली, महेश चंद्र, अनुराग प्रताप सिंह राजू सिंह, प्रमोद कुमार, जवाहर सिंह, अजयपाल सिंह, जसवंत सिंह, महावीर सिंह, वीरेश सिंह, राजवीर सिंह आदि थे।