चार जनवरी को शिकोहाबाद में फौजी की पत्नी से हुई चार लाख रुपये और लाइसेंसी रिवाल्वर लूट का खुलासा शिकोहाबाद पुलिस ने कर दिया। वारदात को अंजाम अलीगढ़, मैनपुरी और एटा के बदमाशों ने दिया था। इनको पुलिस ने शुक्रवार रात छह लुटेरों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक लाख नौ हजार रुपये और लूटी गई रिवाल्वर भी बरामद की है।
नवागत एसएसपी अशोक कुमार ने बताया कि चार जनवरी को नसीरपुर थाना क्षेत्र के गांव धनपुरा निवासी ओमकार सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक शिकोहाबाद से चार लाख रुपये निकाले थे। रुपयों को उन्होंने एक बैग में रखकर पत्नी को दे दिया था। बैग में उनके दामाद की लाइसेंसी रिवाल्वर थी। फौजी पत्नी को पास की दुकान पर बैठाकर दामाद के साथ किसी कार्य से चले गए। तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग लूट लिया। एसएसपी ने बताया कि जिन छह बदमाशों को पकड़ा है उनमं से रामू बहेलिया निवासी नगला केवल थाना एलाऊ जनपद मैनपुरी अपने साथी श्रीचंद्र के साथ बैंक में मौजूद था। इनका साथी साथी ब्रजेश कुमार शर्मा निवासी ग्राम भागीपुर थाना कोतवाली नगर एटा बैंक के बाहर खड़ा था। इसके बाद ब्रजेश ने अपने तीन साथी और बुला लिए और वारदात को अंजाम दे डाला। शुक्रवार रात को पुलिस ने सभी छह बदमाशों को दबोच लिया। इनके पास से एक लाख नौ हजार चार सौ रुपये, लूटी गई रिवाल्वर बरामद किए गए हैं।
रेकी किसी ने वारदात किसी और ने
बदमाशों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। बैंक में रामू और श्रीचंद्र रहे। जबकि वारदात ब्रजेश, राजकिशोर निवासी कनसान कोतवाल देहात एटा, कन्हैया शर्मा निवासी काशीरामनगर थाना अलीगंज एटा व शेरा गुप्ता निवासी शेखमीरा थाना अलीगंज एटा ने दिया।
साथ रखते थे बैंक की पासबुक
लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश बैंक के अंदर ही शिकार की तलाश किया करते थे। पुलिस से बचने के लिए वह अपने पास बैंक की पासबुक रखा करते थे। इससे पुलिस चेकिंग के दौरान पूछताछ करते तो वह रुपये निकालने की बात कह कर बच सकें।