गुरू गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व की धूम शहर के गुरुद्वारों में रही। कई दिनों से चल रहे आयोजनों में रागीजनों ने भाग लिया और संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा पर शहर तथा बाहर से आए रागी जत्थों ने शबद कीर्तन किया। शाम को गुरुद्वारा रोशनी में जगमगाया और आकर्षक आतिशबाजी की गई।सप्ताह भर से चल रहे आयोजनों का समापन भी हुआ।
शनिवार को शहर के स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा में भव्य सजावट की गई। गुरू गोविंद सिंह के प्रकाश उत्सव पर्व के उपलक्ष्य में सप्ताह भर से आयोजन किए जा रहे थे। नौ जनवरी से प्रभातफेरी की शुरूआत की गई। इसमें सरदार कुलदीप सिंह, प्रतिपाल सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह, प्रिंसी सलूजा के साथ सुरजीत एंक्लेव एवं आर्यनगर की साध संगत की ओर से भी प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी में शिल्पा, शब्द की शुरूआत कराने वाली राज मल्होत्रा, सुरेंद्र कौर, इंद्रजीत सिंह हुड़ा, विक्की मल्होत्रा का सहयोग रहा। इसके बाद 13 जनवरी को गुरुद्वारा प्रांगण में लोहड़ी का पर्व मनाया गया। श्री गुरू ग्रंथ साहब के पास अखंड पाठ की सेवा बहन महेंद्र कौर बग्गा की ओर से की गई। 16 जनवरी को अखंड पाठ के समापन के साथ ही कानपुर से आए रागी जत्था के सरदार अमरीक सिंह, फीरोजाबाद के सरदार हरमिंदर सिंह, करनैल सिंह, मित्ती सलूजा ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल कर दिया। इसके बाद गुरुद्वारा प्रधान सरदार हरवंश सिंह मल्होत्रा, सचिव राजेंद्र सिंह बग्गा ने साध संगत को बधाई दी। श्रद्धालुओं ने अटूट लंगर चखा। रात्रि को ज्ञानी जी के संकीर्तन के साथ ही बच्चों ने कविता पाठ किया। संचालन सरदार बलवंत सिंह सलूजा ने किया। व्यवस्थाओं को गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार राजेंद्र सिंह मल्होत्रा एवं खजांची सरदार सुजान सिंह ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।