फिरोजाबाद। जिले में राष्ट्रीय कुपोषण माह चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद अति कुपोषित (सेम) और मध्यम कुपोषित (मेम) बच्चों की उचित देखभाल और उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले में 7,026 बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, लेकिन एनआरसी में पर्याप्त जगह न होने के कारण इन बच्चों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
एनआरसी में क्षमता से अधिक बच्चे
फिरोजाबाद में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने के बावजूद एनआरसी में पर्याप्त बिस्तर नहीं हैं। एनआरसी में 12 पलंग के स्थान पर 15 पलंग लगाकर बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी केशरी नंदन तिवारी दावा कर रहे हैं कि कुपोषण माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और गंभीर बच्चों को तत्काल एनआरसी में भर्ती कराया जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों की संख्या सबसे अधिक
विभाग द्वारा कराए गए वजन के अनुसार, जिले के 1,98,610 बच्चों में से 1,545 बच्चे अति कुपोषित (सेम) और 5,481 बच्चे मध्यम कुपोषित (मेम) पाए गए हैं। इनमें से फिरोज़ाबाद शहरी क्षेत्र की परियोजनाओं में कुपोषित बच्चों की संख्या सबसे अधिक है।
शहरी बच्चों को शिकोहाबाद की दौड़
आंकड़ों के अनुसार कुपोषित बच्चों की सबसे अधिक संख्या फिरोज़ाबाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में है। इसके बावजूद, एकमात्र पोषण पुनर्वास केंद्र शिकोहाबाद में संचालित हो रहा है। फिरोजाबाद शहर प्रथम, शहर द्वितीय, ग्रामीण और टूंडला के अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए उनके परिजनों को शिकारोहाद तक लंबी दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और समय भी बर्बाद होता है।
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ब्लाक -सेम बच्चे -मेम बच्चे
अरांव -82 -322
एका -170 -337
फिरोजाबादशहर 1- 132 -630
फिरोजाबाद शहर-2-270 -1227
फिरोजाबाद ग्रामीण-223 -655
जसराना -35 -241
खैरगढ़ -161 -434
कोटला -125 -314
मदनपुर -103 -538
शिकोहाबाद - 101 -304
टूंडला -143 -479
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कुल -1545 -5481
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