फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त वित्तविहीन स्कूलों को आरटीई पोर्टल पर अपने स्कूल का विवरण दर्ज करना होगा। यह कार्य 28 फरवरी तक किया जाना है, जिससे गरीब परिवार के बच्चे निजी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकें। लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की मान्यता समाप्त की जा सकती है।
इस वर्ष (नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार) आरटीई के तहत कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए पोर्टल पर एनआईसी द्वारा नए मॉडयूल जोड़े जा रहे हैं। इनमें से एक स्कूल मॉडयूल है। इसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को पोर्टल पर स्वयं रजिस्ट्रेशन कर यूजर आईडी एवं पासवर्ड जेनरेट करना होगा। जिस विद्यालय का पोर्टल पर पंजीकरण नहीं होगा, वह विद्यालय फीस प्रतिपूर्ति के लिए भी पात्र नहीं होंगे। विद्यालयों को इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए यूजर मेन्युअल उपलब्ध कराया जा रहा है जो उनकी लॉगिन से सलंग्न होगा। इस कार्य को सुचारू और त्रुटिरहित किए जाने के लिए निजी विद्यालयों को स्कूल की समस्त जानकारी 28 फरवरी तक आरटीई पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। पूर्ण करना होगा।
बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। 28 फरवरी तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के गैरसहायतित विद्यालय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, आरटीई सीटों की संख्या और मैपिंग करेंगे। 15 मार्च तक प्रवेश कराने के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं 30 जून तक स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित कराने की बात कही है।