फिरोजाबाद। शनिवार शाम हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलू, शिमला मिर्च, गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई। अभी भी खेतों में पानी भरा हुआ है। सुबह खेतों पर किसान पहुंचे तो फसलें देखकर अपने आंसू नहीं रोक सके। वहीं प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराने में हीलाहवाली से नाराज नारखी क्षेत्र के किसानों ने असन चौराहे पर जाम लगाकर विरोध जताया। वहीं रविवार शाम को भी शहर में बारिश हुई।
बारिश व ओलावृष्टि से नारखी धौकल, असन, एवरन गढ़ी, हंसराम गढ़ी, गढ़ी अफो, विदरिका, नयाबांस शाहपुर, कूभ, बड़ागांव, भूड़ा शेरपुर, जैतपुर, भीतरी, डोरसा, राजपुर, गांगनी कायथा, गढ़ी एवरन, राजपुर, नारखी खास के अलावा फिरोजाबाद ब्लॉक के उस्मानपुर, असन, नगला डूमर, लदपुरा एवं दतौजी सहित करीब 125 गांवों में सरसों, शिमला मिर्च की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की मानें तो ओलावृष्टि के कारण सिरसागंज और जसराना के अलावा हाथवंत क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल पर ओलावृष्टि के कारण सफेद चादर बिछ गई।
एसडीएम ने खुलवाया जाम
रविवार को नारखी क्षेत्र के असन चौराहा पर किसानों ने जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर सीओ टूंडला और एसडीएम पारसनाथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की मांग पर त्वरित एक्शन लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम खोला। किसान दलवीर सिंह, जयवीर सिंह, कमलेश कुमार, टीकम सिंह, रमेश चंद, रजनीश बाबू, दिनेश कुमार मौजूद रहे।
राजस्व विभाग, बीमा कंपनी व कृषि विभाग सर्वे में जुटे
फसलों के नुकसान के आकलन के लिए जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। रविवार सुबह से ही जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह के निर्देशन में कृषि विभाग के अफसर बीमा कंपनी के कर्मचारियों के साथ सर्वे कराने में जुट गए। वहीं राजस्व विभाग की टीमें भी पूरे दिन हाथवंत, जसराना, सिरसागंज, फिरोजाबाद के अलावा टूंडला क्षेत्र में नुकसान की रिपोर्ट तैयार कराते दिखे।
किसानों को मिले मुआवजा : हर्षिता
जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता प्रताप सिंह ने डीएम चंद्र विजय सिंह से बात की। उन्होंने डीएम से कहा कि किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुमित प्रताप सिंह ने नारखी के असन, नारखी धौकल आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान किसानों की हर संभव मदद दिलाने को कहा। वहीं भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल सिंह ने भी प्रभावित गांवों का दौरा किया।
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ये बोले किसान
मेहनत हुई बेकार
ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा शिमला मिर्च की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान परेशान हैं। -राममूर्ति चतुर्वेदी
सब चौपट हुआ
कुछ देर तो ऐसा लगा कि असमान से आफत टूट रही है। शाक-भाजी व शिमला मिर्च से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन सबकुछ चौपट हो गया। -रामदत्त शर्मा
किसान हित पर ध्यान दें
सरकार ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के हित पर भी ध्यान दे। बीमा कंपनी व राजस्व विभाग सर्वे करने में जानबूझ कर हीलाहवाली कर रहे हैं।
-वीरेद्र सिंह किसान
हर जगह से फसल को भारी नुकसान है। ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। सरकार तत्काल पीड़ित किसानों की सुध ले।
-शिवदत्त किसान
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वर्जन....
दिलाया जाएगा बीमा
बीमा कंपनी और कर्मचारियों को तत्काल सर्वे के निर्देश दिए हैं। जिन किसानों का फसलीय बीमा है, उन्हें बीमा दिलाया जाएगा। जिनका बीमा नहीं है उन्हें सहायता दिलाने के लिए डीएम से अनुरोध करेंगे। -रविकांत सिंह, जिला कृषि अधिकारी